रोटी बनाइए या पास्ता, दोनों के लिए बेस्ट है 'पूसा गौरव गेहूं'

Pusa Gaurav wheat: इस गेहूं की किस्म से बना आटा ड्यूरम गेहूं की तुलना में पानी को बेहतर तरीके से सोख सकता है, जिससे नरम चपातियां बनती हैं. जबकि ड्यूरम गेहूं के आटे से चपाती बनाना एक समस्या थी, जो 'पूसा गौरव गेहूं' के मामले में नहीं है. 

Advertisement
(प्रतीकात्मक तस्वीर) (प्रतीकात्मक तस्वीर)

aajtak.in

  • इंदौर ,
  • 14 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 6:09 PM IST

हाल ही में लॉन्च की गई गेहूं की नई किस्म 'पूसा गौरव गेहूं' देशी और विदेशी खानपान के लिए बेहतरीन साबित हुई है. इसके आटे का इस्तेमाल मुलायम रोटियां बनाने के साथ पास्ता बनाने के लिए भी किया जा सकता है. पूसा गौरव गेहूं (HI 8840) हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित की गई 109 उन्नत फसलों की किस्मों से एक है. 

Advertisement

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के इंदौर स्थित क्षेत्रीय स्टेशन के प्रमुख और प्रधान वैज्ञानिक (पौधा प्रजनन) डॉ जंग बहादुर सिंह ने पूसा गौरव विकसित किया है. उन्होंने कहा कि इस गेहूं की किस्म से बना आटा ड्यूरम गेहूं की तुलना में पानी को बेहतर तरीके से सोख सकता है, जिससे नरम चपातियां बनती हैं. जबकि ड्यूरम गेहूं के आटे से चपाती बनाना एक समस्या थी, जो 'पूसा गौरव गेहूं' के मामले में नहीं है. 

कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि ड्यूरम किस्म की तुलना में पूसा गौरव के आटे की बेहतर जल अवशोषण क्षमता के कारण नरम चपातियां बनती हैं. पूसा गौरव में पीले रंग के उच्च स्तर और इसके सख्त दाने से बेहतरीन गुणवत्ता वाला पास्ता बनाया जा सकता है." 

'पूसा गेहूं गौरव' में प्रोटीन, आयरन और जिंक की मात्रा क्रमशः 12 प्रतिशत, 38.5 पीपीएम और 41.1 पीपीएम है.  जलवायु परिवर्तन की चुनौती को देखते हुए पूसा गौरव किस्म विकसित की गई है. यह कम सिंचाई और उच्च तापमान की स्थिति में भी अच्छी उपज दे सकती है. 

Advertisement

सिंह ने कहा कि सीमित सिंचाई सुविधाओं में इस किस्म की औसत उत्पादन क्षमता 30.2 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है, जबकि अधिकतम उपज क्षमता 39.9 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है. 

उन्होंने कहा कि प्रायद्वीपीय और मध्य भारत में खेती के लिए पूसा गौरव किस्म की पहचान की गई है. विशेषज्ञों के अनुसार, ड्यूरम गेहूं को आम बोलचाल की भाषा में 'मालवी' या 'कठिया' गेहूं कहा जाता है और इसके दाने गेहूं की सामान्य किस्मों की तुलना में सख्त होते हैं. पास्ता, सूजी और दलिया बनाने के लिए आदर्श ड्यूरम गेहूं की इन दिनों अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी मांग है. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement