देश में दाल की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. तमाम कोशिशों के बाद भी सरकार अरहर, तुवर समेत अन्य दालों के रेट में हो रहे इजाफे को नहीं रोक पा रही है. ऐसे में अब केंद्र सरकार ने दालों के स्टॉक की मॉनिटरिंग के लिए विशेष कमिटी बनाई है. इस कमिटी की अध्यक्षता उपभोक्ता मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव निधि खरे करेंगी. सरकार ने ये कदम दाल को जबर्दस्ती स्टोर करने से रोकने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए उठाया है.
क्यों दाल के रेट में लगातार हो रहा है इजाफा
सरकार का कहना है कि हाल के महीनों में पर्याप्त मात्रा में दालों का आयात देश में किया गया है. इसके बावजूद भी कीमतें बढ़ रही हैं. ऐसा दाल का गैरकानूनी भंडारण करने के चलते हो रहा है. सरकार के निर्देश के बाद अब केंद्र के अधिकारी सीधे केंद्र और राज्यों के बीच दाल के स्टॉक की स्थिति को मॉनिटर करेंगे. इस दौरान दाल को बाजार में जारी न कर स्टोर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
आयात पर 10% रियायत भी दी गई थी
बता दें कि सरकार ने दाल की कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए उसप एसेंशियल कमोडिटी के तहत आयात पर 10% रियायत भी दी थी. सरकार का कहना है कि नॉन एलडीसी देशों से पर्याप्त मात्रा में दालों का आयात हो रहा है. इससे दाल के रेट को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है.
दाल को स्टोर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
बता दें सरकार को शिकायत मिली थी कि आयात करने वाले पर्याप्त मात्रा में दालों को बाजार में जारी नहीं कर रहे हैं. इसके चलते कीमतें बढ़ रही हैं. केंद्र सरकार ने राज्यों से भी दाल से स्टोर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
आशुतोष मिश्रा