मुनाफा कमाना है तो इस मशरूम की कर सकते हैं खेती, लंबे समय तक नहीं होता खराब

ब्लू ऑयस्टर मशरूम किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है. इसे लंबे वक्त तक स्टोर किया जा सकता है. इसके अलावा इसका सेवन हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों के खिलाफ भी काफी फायदेमंद है.

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Blue oyester mushroom Blue oyester mushroom

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 5:23 PM IST

Blue Oyster Mushroom: किसानों के बीच मशरूम की खेती की लोकप्रियता में इजाफा हुआ है. पहले इसकी खेती को पहाड़ी क्षेत्रों के लिए ही उपयुक्त माना जाता था. अब नई और आधुनिक तकनीकें आने के बाद इसकी खेती मैदानी क्षेत्रों में भी होने लगी है. देशभर में किसानों द्वारा इस वक्त बटन मशरूम, ढींगरी (ऑयस्टर) मशरूम, दूधिया मशरूम, पैडीस्ट्रा मशरूम और शिटाके मशरूम की किस्में उगाई जा रही है.

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ऐसे करें ब्लू ऑयस्टर मशरूम की खेती

मशरूम की खेती बंद कमरे में की जाती है. इसमें ब्लू ऑयस्टर मशरूम की प्रजाति किसानों के बीच काफी लोकप्रिय है. अन्य प्रजाति की मशरूमों की तरह इसे भी सोयाबीन की खोई, गेहूं के भूसे, धान के पुआल, मक्का के डंठल, अरहर, तिल, बाजरा, गन्ने की खोई, सरसों के पुआल, कागज के कचरे, कार्डबोर्ड, लकड़ी के बुरादे जैसे कृषि अपशिष्टों के सहारे उगा सकते हैें. फिर मशरूम के बीज को पुआल के साथ पॉलीथिन बैग में भरकर बिजाई (स्पॉनिंग) की जाती है और बैग का मुंह बांधकर उसमें 10-15 छेद किए जाता है. फिर उसे अंधेरे कमरे में छोड़ दिया जाता है.

15 से 17 दिन तक प्लास्टिक के बैग को डिस्टर्ब नहीं किया जाता है. इतने दिनों में प्लास्टिक के अंदर कवक जाल पूरी तरह फैल जाता है.तकरीबन 23-24 दिन बाद मशरूम तोड़े जा सकते हैं. मार्केट में इस मशरूम को 200 से 300 रुपये किलो के हिसाब से बेच सकते हैं. साथ ही आप इसकी प्रोसेसिंग कर इससे कुकीज, आचार समेत तमाम तरह के उत्पाद बना कर बढ़िया मुनाफा भी कमा सकते हैं.

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सेल्फ लाइफ है ज्यादा

कृषि विशेषज्ञ भी किसानों को बटन मशरूम की जगह ब्लू ऑयस्टर मशरूम की खेती करने की सलाह देते हैं. दरअसल बटन मशरूम की सेल्फ लाइफ मुश्किल से 48 घंटे होती है. अगर इस वक्त के अंदर आपने अपनी उपज नहीं बेची तो वह खराब हो जाती है. इससे किसानों को काफी नुकसान हो जाता है. वहीं, ऑयस्टर मशरूम लंबे समय तक खराब नहीं होता है. इसकी बिक्री और प्रोसेसिंग के लिए किसानों को काफी वक्त मिलता है. कम नुकसान के चलते किसानों को इससे मुनाफा भी कई गुना बढ़ जाता है.

बीमारियों में फायदेमंद

हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़, कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों के खिलाफ इस मशरूम को फायदेमंद माना जाता है. इस मशरूम में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर का अच्छा स्रोत है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. यही वजह है कि चिकित्सक भी मशरूम के सेवन की सलाह देते नजर आते हैं.

 

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