कंदीय फूलों की खेती पर 7 लाख रुपये की सब्सिडी, यहां आवेदन करें किसान

बिहार सरकार कंदीय फूल की खेती करने के लिए मिलेगा 50% अनुदान दे रही है. सरकार की तरफ से प्रति हेक्टेयर इन फूलों की लागत 15 लाख रुपये रखी गई है. ऐसे में 50 प्रतिशत सब्सिडी के हिसाब से किसानों को इसके लिए 7 लाख 50 हजार रुपये मिलेंगे.

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कंदीय फूलों की खेती कंदीय फूलों की खेती

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 5:58 PM IST

परंपरागत फूलों की खेती में कम होती कमाई को देखते हुए किसान मुनाफे वाली फसलों की खेती की तरफ रूख कर रहे हैं. इसी कड़ी में किसान तरह-तरह के फूलों की भी खेती कर रहे हैं. सरकार भी इसके लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है. बिहार सरकार भी किसानों को कंद फूलों की खेती पर तकरीबन 50 प्रतिशत की बंपर सब्सिडी दे रही है.

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कंदीय फूलों की खेती पर 7 लाख रुपये से ज्यादा की सब्सिडी

बिहार सरकार  एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत कंदीय फूल की खेती करने के लिए मिलेगा 50% अनुदान दे रही है. सरकार की तरफ से प्रति हेक्टेयर इन फूलों की लागत 15 लाख रुपये रखी गई है. ऐसे में 50 प्रतिशत सब्सिडी के हिसाब से किसानों को इसके लिए 7 लाख 50 हजार रुपये मिलेंगे. अगर आप बिहार के निवासी हैं और सरकार द्वारा इन फूलों की सब्सिडी को हासिल करना चाहते हैं तो ttp://horticulture.bihar.gov.in पर विजिट कर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन करते वक्त किसान आधार कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, राशन कार्ड जैसे डॉक्यूमेंट जरूर रखें

मार्केट में इन फूलों की है बंपर डिमांड 

कंद द्वारा बोये जाने वाले फूलों को कंदीय फूल कहते हैं. इनमें फ्रीजिआ, डेफोडिल, आइरिस, इस्किया, आरनिथोगेलम, आक्जेलिस, हायसिन्थ, ट्यूलिप, लिली, मस्करी, एनीमोन, रेननकुलस, नर्गिस जैसे फूल शामिल हैं. ये सभी अलग-अलग आकार के सुंदर फूल होते हैं. इन्हें गमले और जमीन दोनों जगह बोया जा सकता है. सजावट या फिर बुके के लिए इन फूलों की खूब डिमांड है, जिसके चलते मार्केट में इनकी कीमत भी ठीक-ठाक है. ऐसे में किसान इन कंदीय फूलों की खेती से कम वक्त में बंपर मुनाफा कमा सकते हैं. 

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