भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए मनाए जाने वाले मुख्य व्रतों में से एक सोलह सोमवार व्रत है- Solah Somvar Vrat. भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे भाग्यशाली दिन सोमवार को माना जाता है. भगवान शिव विष्णु, ब्रह्मा और महेश की सर्वोच्च त्रिमूर्ति में से एक प्रमुख देवता हैं. यह व्रत लगातार 16 सोमवार तक किया जाता है, जो श्रावण माह के पहला सोमवार से शुरू किया जाता है.
जो कोई भी सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करता है या सोलह सोमवार व्रत का पालन करता है उसे सौभाग्य की प्रप्ती होती है. ईश्वर के प्रति श्रद्धा और पूर्ण विश्वास के साथ लगातार 16 सोमवारों तक व्रत रखने का संकल्प लेना चाहिए. सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद शिव की पूजा-अर्चना करना चाहिए. पूजा में शिव को प्रिय भांग, धतूरा फल-फूल और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए. साथ ही, दिव्य शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए, उसके बाद सोलह सोमवार व्रत कथा पढ़ने का विधान है- Solah Somvar Vrat Katha.
शिव पुराण के अनुसार, सोमवार व्रत का पालन करने से अच्छा स्वास्थ्य, धन, समृद्धि, मानसिक शांति और नौकरी या व्यवसाय में सफलता मिलती है.
Sawan Somwar Shiv ji ki Aarti: सावन सोमवार के पावन अवसर पर भगवान शिव की विधिवत पूजा के बाद आरती करना अनिवार्य माना जाता है. मान्यता है कि आरती करने से ही व्रत और पूजा पूर्ण फलदायी होते हैं.
Sawan Somwar Shiv Stuti 2026: सावन सोमवार के पावन अवसर पर भगवान शिव की कृपा पाने के लिए शिव स्तुति का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है. मान्यता है कि सच्चे मन से इस अलौकिक स्तुति का गान करने से साधक के सभी पाप, ताप और संताप मिट जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.