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छोटे बच्चों को शहद देने से पहले जान लें ये खतरा

इसमें कोई दो राय नहीं कि शहद न्यूट्रिशन से लैस एक हेल्दी फूड है. लेकिन क्या वाकई छोटे बच्चों को इसे देना सही है?

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

बच्चों के शारीरिक विकास और तंदुरुस्ती के लिए पैरेंट्स बच्चों को न्यूट्रिशन और विटामिन से भरपूर चीजें खाने में देते हैं. छोटे बच्चो के मामले में तो खाने-पीने की चीजों में और भी ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत होती है. कई लोग तो छोटे बच्चों को खाने में शहद भी देते हैं.

इसमें कोई दो राय नहीं कि शहद न्यूट्रिशन से लैस एक हेल्दी फूड है. लेकिन क्या वाकई छोटे बच्चों को इसे देना सही है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटे बच्चों को शहद खिलाना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ करने के बराबर है.

गोल्डन लिक्विड कहे जाने वाले शहद में दरअसल क्लोस्टिडयम बोटुलिनम नाम का बैक्टीरिया पाया जाता है. बच्चों के शरीर में शहद के साथ इस बैक्टीरिया का दाखिल होना काफी खतरनाक है. इस बैक्टीरिया की वजह से बच्चे को फूड प्वॉइजनिंग भी हो सकता है.

शहद खाने के 8 से 36 घंटे के बाद बच्चे के शरीर में आप इसका असर देख पाएंगे. इतना ही नहीं शहद या शुगर की वजह से बच्चे को दांत निकालने में भी काफी दिक्कत होती है. डॉक्टर्स 12 महीने बाद ही बच्चे को शहद देना सही मानते हैं.

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