
क्या विपक्ष के संयुक्त राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने ऐसा कहा है कि चुनाव जीतने पर वो नूपुर शर्मा की गिरफ्तारी का आदेश पारित करेंगे? सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का ऐसा ही कहना है.
दरअसल, एक फेसबुक पोस्ट का स्क्रीनशॉट जिसमें लिखा है, ‘ब्रेकिंग: भारत के राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के तुरंत बाद नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करने का आदेश पारित करूंगा: यशवंत सिन्हा’. साथ ही, इसमें यशवंत सिन्हा की तस्वीर भी लगी है. कई लोग इसे यशवंत सिन्हा का असली बयान बता रहे हैं.
मिसाल के तौर पर, एक ने लिखा, “ये भी इसी धरती के हैं या कोई मंगल ग्रह से फेंक दिया है.”

इंडिया टुडे की फैक्ट चेक टीम ने पाया कि यशवंत सिन्हा ने खबर लिखे जाने तक ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. हालांकि इतनी बात सच है कि उन्होंने नूपुर के बयान की आलोचना की है. साथ ही, इस मामले में बीजेपी सरकार की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
सबसे पहले हमने यशवंत सिन्हा के वेरिफाइड ट्विटर हैंडल को ठीक से देखा. हमें उनका 2 जुलाई, 2022 का एक ट्वीट मिला जिसमें उन्होंने नूपुर शर्मा के मामले को उठाते हुए गुस्सा जाहिर किया है और बीजेपी सरकार को घेरा है. उन्होंने तीखे शब्दों में सवाल किया है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नूपुर शर्मा मामले पर कुछ बोलेंगे?
उन्होंने अपने किसी भी ट्वीट में ये नहीं लिखा है कि अगर वो राष्ट्रपति बने तो तुरंत नूपुर की गिरफ्तारी का आदेश पारित कर देंगे.
ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद ज़ुबैर को ये कहकर जेल में बंद कर दिया गया कि वो देश में वैमनस्य फैला रहे हैं। लेकिन भाजपा की एक प्रवक्ता, जिसने जहर फैला दिया इस देश में, उसके खिलाफ अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
— Yashwant Sinha (@YashwantSinha)
क्या प्रधानमंत्री जी इस पर कुछ बोलेंगे?
‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के 11 जून, 2022 के एक में भी यशवंत सिन्हा ने नूपुर शर्मा की कड़े शब्दों में आलोचना की है.
वो लिखते हैं, “एक बीजेपी प्रवक्ता ने शिष्टता की सभी हदें पार कर दीं जिसके बाद भारत की छवि ध्वस्त हो गई. नौ दिनों तक इस टिप्पणी पर चुप्पी छायी रही. इसके बाद कुछ मुस्लिम देशों का ध्यान इस ओर गया, उन्होंने भारत के राजदूतों को बुलाया और अपना विरोध दर्ज कराया.
विरोध के स्वर यहां भी नहीं थमे. लोग भारत के सामान का बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं. जाहिर है, प्रवासी भारतीयों को बेवजह असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.”
इसी तरह, ‘ईटीवी भारत’ को दिए गए एक में यशवंत सिन्हा ने इस बात को लेकर हैरानी जताई कि किसी आधिकारिक प्रवक्ता को बीजेपी ‘फ्रिंज एलिमेंट’ कैसे कह सकती है.
नूपुर शर्मा और यशवंत सिन्हा, दोनों ही इस वक्त खबरों में छाए हुए हैं. लिहाजा, अगर सचमुच यशवंत ने नूपुर को लेकर इस तरह का कोई बयान दिया होता, तो इसे लेकर सभी जगह खबर छपी होती. पर हमें ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली.
हमने वायरल स्क्रीनशॉट यशवंत सिन्हा के पीए अक्षित सिंह को भी भेजा. उन्होंने ‘आजतक’ को बताया कि यशवंत सिन्हा ने राष्ट्रपति बनने पर नूपुर शर्मा को गिरफ्तार करवाने जैसा कोई बयान नहीं दिया है. ये सिर्फ एक अफवाह है.
यशवंत सिन्हा ने हाल ही में कि अगर वो राष्ट्रपति बने तो सरकार का रबड़ स्टाम्प बनकर काम नहीं करेंगे. उन्होंने बीजेपी की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू से भी यही संकल्प लेने का आह्वान किया. राष्ट्रपति चुनाव 18 जुलाई को होने हैं.
साफ है कि एक मनगढ़ंत बयान के जरिये यशवंत सिन्हा पर निशाना साधा जा रहा है.
( संजना सक्सेना के इनपुट के साथ )