माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने कहा है कि उसने QAnon conspiracy theory से जुड़े 70000 ट्विटर अकाउंट को सस्पेंड कर दिया है. ट्विटर ने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि उसने ये कदम अमेरिकी संसद कैपिटल हिल पर राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थकों द्वारा की गई हिंसक कार्रवाई के बाद उठाया है.
ट्विटर ने कहा, "वॉशिंगटन डीसी में हिंसक घटनाओं के बाद और खतरे की बढ़ती हुई आशंका को देखते हुए हमने हजारों अकाउंट को स्थायी रूप से सस्पेंड करना शुरू कर दिया है, ये वैसे अकाउंट थे जो अपने सोशल मीडिया स्पेस में QAnon कंटेट शेयर कर रहे थे. यहां पर एक ही व्यक्ति द्वारा कई अकाउंट चलाए जाने के मामले सामने आए हैं.
ट्विटर ने कहा कि शुक्रवार से हम अबतक 70000 हजार खातों को सस्पेंड कर चुके हैं, इनमें से कई ऐसे उदाहरण आए यहां एक ही व्यक्ति कई खाते चला रहा था.
क्या है QAnon conspiracy theory
अब सवाल उठता है कि QAnon conspiracy theory क्या है? दरअसल QAnon conspiracy theory एक धुर दक्षिणपंथी संगठन है. कट्टर ईसाई, अल्ट्रा राइट, कंजर्वेटिव लोग इस संगठन के सदस्य हैं. ये संगठन मानता है कि इस दुनिया को बच्चों का यौन शोषण (पीडोफाइल) करने वाला एक गुप्त गिरोह चला रहा है. ये गिरोह शैतान की इबादत करता है और दुनिया में अपना प्रभुत्व चाहता है. पीडोफाइल ऐसे लोगों को कहा जाता है जो बच्चों के साथ यौन शोषण करते हैं और बाल यौन शोषण में लिप्त रहते हैं.
इस संगठन का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप का एक उद्देश्य इस संगठन में शामिल लोगों का पर्दाफाश करना और उन्हें दंड देना है. इस संगठन की मौजूदगी रियल से ज्यादा वर्चुअल यानी कि आभासी है. अमेरिका में इस साजिश को रचने वालों को 'डीप स्टेट' कहा जाता है. यानी कि ये वैसे लोग हैं जिनकी जड़ें स्टेट से भी गहरी हैं. इस साजिश की थ्योरी पर यकीन करने वाले लोग मानते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप गुपचुप तरीके से ऐसे लोगों को दंडित करने की रणनीति बना रहे हैं और एक दिन उन्हें दंड दिया जाएगा.
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अमेरिकी चुनाव से पहले इस थ्योरी पर यकीन करने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही थी, इसमें ज्यादातर दक्षिणपंथी और कट्टरपंथी लोग शामिल थे. ट्रंप के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने ऐसे अकाउंट के पोस्ट रीट्वीट किए हैं, जिनसे QAnon conspiracy theory से जुड़े कंटेट पोस्ट किए गए थे. ट्विटर ने जिन 70000 अकाउंट को सस्पेंड किया है वहां पर QAnon conspiracy theory से जुड़े पोस्ट शेयर किए जा रहे थे.
पहले सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर गुमनाम तरीके से अभियान चला रहा क्यू-अनॉन राष्ट्रपति चुनाव के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की चुनावी रैलियों में बैनर-पोस्टर के साथ दिख रहा था.
बता दें कि कैपिटल हिल पर हिंसा के बाद Twitter ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्विटर अकाउंट बंद कर दिया था. इस हिंसा में 5 लोगों की मौत हो गई थी. ट्विटर के बाद ट्रंप के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट को बंद कर दिया गया था.
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