दो देशों की यात्रा के दूसरे पड़ाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को मालदीव से श्रीलंका पहुंचे. यहां उन्होंने 21 अप्रैल को सेंट एंटनी चर्च में संडे ईस्टर के मौके पर हुए बम धमाकों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी. इस हमले में 250 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिसमें 11 भारतीय थे.
पीएम मोदी ने 'पड़ोसी पहले' नीति के तहत श्रीलंका के साथ संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया. श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने बंदरानाइक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पीएम मोदी का स्वागत किया. पीएम मोदी का यह तीसरा श्रीलंका दौरा है. इससे पहले साल 2015 और फिर 2017 में भी वह इस देश का दौरा कर चुके हैं. श्रीलंका पहुंचकर उन्होंने ट्वीट किया, ''श्रीलंका आकर बेहद खुश हूं. यह मेरी पिछले 4 साल में तीसरी यात्रा है. भारत जरूरत में अपने दोस्तों को कभी नहीं भूलता.''
ईस्टर अटैक के बाद आने वाले पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष
पीएम मोदी ईस्टर अटैक के बाद श्रीलंका का दौरा करने वाले पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हैं. इससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में यह संदेश जाएगा कि अब श्रीलंका में सब कुछ सामान्य हो चुका है, जिससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, जो श्रीलंका की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है. पीएम मोदी ने कई ट्वीट भी किए. उन्होंने लिखा, ''मुझे उम्मीद है कि श्रीलंका फिर उठ खड़ा होगा. कायरतापूर्ण आतंकी हमले श्रीलंका को नहीं हरा सकते. भारत श्रीलंका के साथ एकजुटता से खड़ा है.''
प्रधानमंत्री मोदी से मिलने की दीवानगी श्रीलंका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों में दिखी. लोगों ने उनसे हाथ मिलाया और ऑटोग्राफ भी लिए. लोग अपने फोन के कैमरे से पीएम मोदी की फोटो भी ले रहे थे. वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, भारत की दुनिया में साख और मजबूत हुई है और इसका क्रेडिट प्रवासी भारतीयों को जाता है. पीएम ने कहा, मैं जहां जाता हूं, मुझे प्रवासी भारतीयों की कामयाबियों के बारे में बताया जाता है. पिछले पांच वर्षों में हमने काफी कुछ हासिल किया है और आने वाले वर्षों में और भी करेंगे.
aajtak.in