समुद्री मामलों की अंतरराष्ट्रीय कोर्ट की पहली भारतीय महिला सदस्य बनीं नीरू चड्ढा

अंतरराष्ट्रीय लॉ एक्सपर्ट नीरू चड्ढा को इंटरनेशनल ट्रिब्‍यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (आइटीएलओएस) की पहली भारतीय महिला के सदस्‍य के रूप में चुना गया है.

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अंतरराष्ट्रीय लॉ एक्सपर्ट नीरू चड्ढा अंतरराष्ट्रीय लॉ एक्सपर्ट नीरू चड्ढा

केशवानंद धर दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2017,
  • अपडेटेड 5:10 PM IST

अंतरराष्ट्रीय लॉ एक्सपर्ट नीरू चड्ढा को इंटरनेशनल ट्रिब्‍यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी (आइटीएलओएस) की पहली भारतीय महिला के सदस्‍य के रूप में चुना गया है. बुधवार को इंटरनेशनल ट्रिब्‍यूनल फॉर द लॉ ऑफ द सी का चुनाव जीती हैं. इस पद के लिए इन्हें 9 साल के लिए चुना गया हैं.

संयुक्त राष्ट्र की यह इकाई समुद्र से जुड़े कानूनों पर फैसला करती है. वह 21 सदस्यीय अदालत में स्थान पाने वाली पहली भारतीय महिला न्यायाधीश हैं. बता दें कि नीरू चड्ढा काफी प्रसिद्ध वकील हैं. वह विदेश मंत्रालय की चीफ लीगल एडवाइजर बनने वाली भी पहली भारतीय महिला थीं.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता गोपाल बागले ने ट्वीट के जरिये इसके संबंध में जानकारी दी. इस ट्राइब्यूनल का गठन 1996 में किया गया था. इसका केंद्र जर्मनी के हैमबर्ग में हैं. नीरू चड्ढा एशिया प्रशांत समूह से एकमात्र उम्मीदवार थीं, जिन्हें पहले दौर के मतदान में चुना गया. इस दौरान 168 देशों ने मतदान किया.

सात सीटों के लिए कराए गए थे चुनाव
इसमें चड्ढा को 120, इंडोनेशिया के उम्मीदवार को 58, लेबनान के उम्मीदवार को 60 और थाईलैंड के उम्मीदवार को 86 वोट मिले. तीनों ही उम्मीवारों ने वोटिंग के दूसरे राउंड में प्रवेश किया. यह चुनाव कुल सात सीटों के लिए कराए गए थे. बता दें कि न्यायाधीश पी. चंद्रशेखर राव ने इस साल अपना दूसरा नौ वर्षीय कार्यकाल पूरा कर लिया था. वह 1999 से 2002 तक ट्राइब्यूनल के अध्यक्ष रहे.

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