ज्यादा धार्मिक बना देता है ज्यादा पोर्न देखनाः रिसर्च

यह अजीब लगे पर ओकलाहोमा यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का दावा है कि हफ्ते में एक बार से ज्यादा पोर्न देखने वाले लोग ज्यादा धार्मिक भी हो जाते हैं. ऐसा पोर्न देखने से जुड़े उनके अपराधबोध की वजह से होता है.

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पोर्न देखने के अपराधबोध से बन जाते हैं ज्यादा धार्मिक पोर्न देखने के अपराधबोध से बन जाते हैं ज्यादा धार्मिक

केशव कुमार

  • वाशिंगटन,
  • 30 मई 2016,
  • अपडेटेड 10:09 PM IST

यह अजीब लगे पर ओकलाहोमा यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स का दावा है कि हफ्ते में एक बार से ज्यादा पोर्न देखने वाले लोग ज्यादा धार्मिक भी हो जाते हैं. ऐसा पोर्न देखने से जुड़े उनके अपराधबोध की वजह से होता है.

पोर्न देखने के अपराधबोध से बन जाते हैं ज्यादा धार्मिक
यूनिवर्सिटी के सोशियोलॉजी और धार्मिक विषयों के असिस्टेंट प्रोफेसर और रिसर्च टीम को लीड कर रहे सैमुएल पेरी ने कहा कि ज्यादा पोर्न देखना अपराधबोध को बढ़ा सकता है. ऐसा तब जरूर होता है जब वह अपनी धार्मिक मान्यताओं को तोड़ता है.

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कभी पोर्न नहीं देखने वाले होते हैं ज्यादा संतुलित
रिसर्च पेपर जर्नल ऑफ सेक्स रिसर्च में पब्लिश हुए अपनी स्टडी में पेरी बताते हैं कि जिन्होंने कभी पोर्न नहीं देखा वे ज्यादा संतुलित हैं. उन्हें अपनी धार्मिकता पर कोई संदेह नहीं होता है. साल 2006 से 2012 तक 1, 314 युवाओं के साथ सवाल-जवाब के दौरान रिसर्चर्स को चौंकाने वाले तथ्य हासिल हुए. उन्होंने युवाओं से पोर्नोग्राफी और धार्मिक व्यवहारों से जुडे सवाल पूछे थे.

कभी-कभार पोर्न देखने वाले कम धार्मिक
इनके विश्लेषण के बाद सामने आए तथ्यों से खुलासा हुआ है कि हफ्ते में एक बार से ज्यादा पोर्न देखने वाले लोगों का धार्मिक मान्यताओं पर जबर्दस्त भरोसा होता है. वहीं जो कभी-कभार ऐसे वीडियो देखते हैं उनका धार्मिक मान्यताओं पर भरोसा कम होता है.

ज्यादा पोर्न देखने वाले हो गए ज्यादा धार्मिक
पेरी ने कहा कि जो ज्यादा पॉर्न देखते हैं, वह ज्यादा धार्मिक प्रवृत्ति के प्रतीत होते हैं. वे ज्यादा प्रार्थना या पूजा करते हैं. दूसरी तरफ जो पॉर्न कभी-कभार देखते हैं वे पूजा और प्रार्थना भी कभी-कभार ही करते हैं. 2006 में जिन्होंने हर हफ्ते पॉर्न देखा वे 2012 आते-आते ज्यादा धार्मिक हो गए. वे ज्यादा प्रार्थना और पूजा करने लगे.

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प्रार्थना में कम शामिल हुए कम पोर्न देखने वाले
दूसरी तरफ जो महीने में पोर्न देखते थे, उनकी धार्मिकता में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई. यह नतीजा चौंकाने वाला है क्योंकि कहा जाता था कि धार्मिक अनुशासन को मानने वाले लोग पोर्न जैसी लत से दूर रहते हैं. सामान्य रूप से जिन्होंने पोर्न एक महीने में एकाध बार देखा है वे कम धार्मिक होते हैं. ऐसे लोग प्रार्थना और पूजा में कम शरीक होते हैं.

पोर्न को गलत मानते हैं धार्मिक लोग
डॉ पेरी ने कहा, धार्मिक अमेरिकंस पोर्न को सेक्शुअल नैतिकता में गलत मानते हैं. जब वे लगातार पोर्न देखते हैं तो उन्हें लगता है कि कुछ गलत हो रहा है. ऐसे में वे पूजा और प्रार्थना का सहारा लेते हैं.

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