ईरान में जल्द ही कुछ बड़ा होने की आशंका बढ़ गई है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ईरानी प्रदर्शनकारियों को उकसाया. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में सस्पेंस और गहरा कर दिया है. ट्रंप ने कहा कि ईरानियों के लिए मदद भेज रहा हूं. ये मदद किस तरह की होगी, इस सवाल पर ट्रंप बोले- जल्द ही खुद बता चल जाएगा. इससे पहले, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से सड़कों पर डटे रहने की अपील कर चुके हैं.
बता दें कि पहले मंगलवार दोपहर में खबर आई थी कि ट्रंप ने ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन रोक दिया है. कहा गया था कि वो तेहरान को बातचीत का एक और ऑफर दे रहे हैं. लेकिन इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बयान दिया. उन्होंने कहा था कि हम किसी भी कदम के लिए तैयार हैं. अगर वे फिर से मिलिट्री ऑप्शन आजमाना चाहते हैं, जिसे वे पहले ही आजमा चुके हैं, तो हम तैयार हैं.
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अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (एचआरएएनए) के मुताबिक, ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू होने के बाद से कम से कम 2,403 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है. एचआरएएनए के एक प्रवक्ता ने सीएनएन को बताया कि मृतकों में 18 वर्ष से कम आयु के 12 पीड़ित भी शामिल हैं.
एचआरएएनए ने यह भी कहा कि विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से देशभर में कम से कम 18,137 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. नए आंकड़े मंगलवार को पहले बताए गए कम से कम 1,850 मौतों के पिछले अनुमान से काफी ज्यादा हैं.
ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने सत्ता पर सीधा हमला बोला है. उन्होंने आंदोलन को तेज करते हुए अब ईरानी सेना से भी जनता के साथ खड़े होने की अपील की है. इससे पहले ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों के लिए मदद भेजने का भी ऐलान किया है.
'ट्रंप की मदद बस पहुंच रही...', रजा पहलवी का नया Video, ईरानी सेना से कहा- विद्रोह का हिस्सा बनिए
न्यूज एजेंसी reuters के मुताबिक, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट को अब ईरान में शासन के पतन और वहां अमेरिकी हस्तक्षेप की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है. एक अन्य इजरायली अधिकारी ने बताया कि आकलन यह है कि ट्रंप ने हस्तक्षेप करने का फैसला किया है, लेकिन प्रतिक्रिया का दायरा और वक्त अभी साफ नहीं है.
जानकारी सामने आई है कि ईरान में प्रदर्शनों के बीच व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ ने यूएस में रह रहे ईरान के आखिरी शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी से मुलाकात की. इनके बीच ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा हुई. बता दें कि पहलवी ईरान के बिखरे हुए विपक्ष की एक प्रमुख आवाज माने जा रहे हैं.
ट्रंप के पोस्ट पर ईरान का जवाब भी आया है. ईरानी सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने ट्रंप पर हमला किया है. उन्होंने लिखा- ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ईरानी लोगों के 'मुख्य हत्यारे' हैं.
ट्रंप के 'मदद रास्ते में है' वाले पोस्ट ने हमले की आशंका बढ़ा दी. इसपर ट्रंप से सवाल किया गया- ईरान के लिए मदद भेजी जा रही है, इससे आपका क्या मतलब है? जवाब में ट्रंप ने कहा, 'आपको यह खुद ही पता लगाना होगा। मुझे माफ़ करें.' उन्होंने रिपोर्टर्स को यह भी बताया कि हाल के प्रदर्शनों में कितने प्रदर्शनकारी मारे गए हैं, इसका सही आंकड़ा कोई भी उन्हें नहीं बता पाया है.
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान के लोगों से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की. उन्होंने लिखा, "ईरानी देशभक्तों, प्रोटेस्ट जारी रखो, अपने संस्थानों पर कब्जा करो. मदद रास्ते में है." हालांकि ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि मदद किस तरह की होगी.
ट्रंप ने यह भी कहा, 'हत्यारों और अत्याचार करने वालों के नाम संभालकर रखो. उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी. मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ होने वाली सभी बैठकों को रद्द कर दिया है, जब तक प्रदर्शनकारियों की बेवजह हत्याएं बंद नहीं होतीं. मदद रास्ते में है.' इसके साथ ही उन्होंने "MIGA" यानी "Make Iran Great Again" के नारे को भी दोहराया.
ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने हालात और भड़का दिए हैं. ट्रंप ने ईरानी प्रदर्शनकारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील की और कहा कि मदद भेजी जा रही है. इसी बीच ईरानी अधिकारियों ने दो हफ्तों में करीब 2000 लोगों की मौत का दावा किया है.