चीनी कैम्प पर मई के मध्य में हुई गतिविधि सैटेलाइट तस्वीरों में कैद

चीनी कैम्प के बाहर का खुला क्षेत्र अप्रैल और मई के पहले हफ्ते में निष्क्रिय और खाली दिखता है. इस महीने के दूसरे सप्ताह में वही स्थान भरा हुआ दिखता है. मई के तीसरे हफ्ते की सैटेलाइट तस्वीर से ये ढांचे गायब दिखते हैं.

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LAC के पास चीन का स्थायी कैंप (Source: European Space Agency) LAC के पास चीन का स्थायी कैंप (Source: European Space Agency)

अंकित कुमार

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2020,
  • अपडेटेड 11:48 PM IST

  • LAC के नजदीकी बिंदु से 6 किलोमीटर दूर है चीनी कैम्प
  • इस क्षेत्र में मौजूद है चीन का स्थायी कैम्प और सबसे बड़ा बेस

सैटेलाइट तस्वीरों में अक्साई चिन में चीनी पोस्ट पर बड़े वाहनों का मूवमेंट देखा गया है. इंडिया टुडे की ओपन सोर्स इंटेलिजेंस टीम (OSINT) की ओर से सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से ये बात सामने आई है. अक्साई चिन लद्दाख क्षेत्र का वो हिस्सा है, जिस पर 1962 युद्ध के बाद से चीन ने कब्जा कर रखा है.

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वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के पास चीन का स्थायी कैम्प और सबसे बड़ा बेस है. ये इलाका भारत की गोगरा पोस्ट के सामने पड़ता है.

सैटेलाइट तस्वीरों की तुलना से पता चलता है कि ये गतिविधि मई के दूसरे हफ्ते में हुई थी. ये उन न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक है, जिनमें कहा गया था कि करीब उसी वक्त चीनी सैनिकों का LAC के पास मूवमेंट हुआ था.

चीनी कैम्प LAC के नजदीकी बिंदु से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर है. यह भारत की गोगरा पोस्ट से करीब 15 किमी दूर है.

अक्साई चिन में चीनी कैम्प पर बड़े वाहनों का मूवमेंट (सोर्स: यूरोपीयन स्पेस एजेंस)

कैम्प की पुरानी हाई रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें कैंप के साथ चौड़ी सड़क के संपर्क को दिखाती हैं.

2015 की हाई-रिज़ॉल्यूशन तस्वीर सड़क संपर्क को दिखाती है (सोर्स: Maxar Technologies/Googl)

जबकि कैम्प के बाहर का खुला क्षेत्र अप्रैल और मई के पहले हफ्ते में निष्क्रिय और खाली दिखता है. इस महीने के दूसरे सप्ताह में वही स्थान भरा हुआ दिखता है. मई के तीसरे हफ्ते की सैटेलाइट तस्वीर से ये ढांचे गायब दिखते हैं.

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अक्साई चिन में चीनी कैम्प पर मूवमेंट (सोर्स: यूरोपीयन स्पेस एजेंस)

इससे पहले, इंडिया टुडे ने इसी अक्साई चिन क्षेत्र में सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से चीनी सैनिकों के बड़े पैमाने पर मूवमेंट के संकेत दिखाए थे.

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