भारत-चीन के बीच कश्मीर पर हुई बात, जयशंकर बोले- मतभेद को विवाद नहीं बनने देंगे

विदेश मंत्री एस. जयशंकर का चीन दौरा उस वक्त हुआ है, जब पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के मसले पर दुनियाभर की मदद मांग रहा है. जयशंकर से पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी कश्मीर मसले पर चीन की यात्रा पर गए थे.

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विदेश मंत्री एस. जयशंकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर

गीता मोहन

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

जम्मू-कश्मीर को लेकर लिए गए फैसले की दुनियाभर में चर्चा है. इस बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर चीन पहुंचे हैं, यहां उन्होंने चीनी विदेश मंत्री वांग ली से मुलाकात की. दोनों देशों के बीच इस मुलाकात में कई मुद्दों पर बात हुई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस दौरान बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि भारत और चीन के बीच कई मुद्दों को लेकर मतभेद हैं, लेकिन वह इन मतभेदों को विवाद नहीं बनने देंगे.

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बता दें कि विदेश मंत्री का ये दौरा उस वक्त हुआ है, जब पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के मसले पर दुनियाभर की मदद मांग रहा है. पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी भी इस मसले पर चीन पहुंचे थे. संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एस. जयशंकर ने कहा कि भारत और चीन आने वाले समय में 100 ऐसे प्रयासों को बढ़ावा देंगे, जिससे दोनों देशों के लोगों में आपसी जुड़ाव बन सके.

इस दौरान दोनों देशों ने 2020 के लिए एक्शन प्लान पर भी साइन किए. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि जब से दोनों देशों के बीच वुहान बैठक हुई है, तब से दोनों देशों के बीच कोई बड़ा विवाद नहीं हुआ है. दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी भी लगातार बढ़ रही है. ऐसे में कई मतभेद होने की संभावना है, लेकिन उन्हें विवाद नहीं बनने दिया जाएगा.

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वहीं, चीन के विदेश मंत्री वांग ली ने जम्मू-कश्मीर के मसले पर बयान देते हुए कहा कि भारत ने जो फैसला लिया है, उस पर अभी ये जरूरी है कि इलाके में शांति बनी रहे. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि हमारे बीच कुछ आपसी मतभेद हैं, लेकिन हम उन्हें स्वीकार करने में किसी तरह की हिचक नहीं करते हैं.

चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो विवाद चल रहा है, हमें उसकी जानकारी है. हमने इस मुद्दे पर अपना पक्ष दोनों देशों के सामने रख दिया है. चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि चीन दोनों देशों के बीच व्यापार असमानता को लेकर भारत की चिंता की सराहना करता है. हम चीन में भारतीय निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएं बढ़ाने को तैयार हैं. इसी समय हम खुले दिमाग से सोचने की जरूरत है और निवेश, औद्योगिक उत्पाद, पर्यटन, सीमा व्यापार पर सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए.

इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा के मुद्दे पर भी बात हुई. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि चीन की ओर से मानसरोवर यात्रा को लेकर कुछ सुझाव दिए गए हैं, जिनपर वह विचार करेंगे.

गौरतलब है कि एस. जयशंकर को चीन मामले का एक्सपर्ट माना जाता है. विदेश मंत्री का पद संभालने के बाद एस. जयशंकर की चीन की ये पहली यात्रा है. एस. जयशंकर 1 जून 2009 से 1 दिसंबर 2013 तक चीन में भारतीय राजदूत के रूप में काम कर चुके हैं.

 

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