महिलाओं के पहनावे को लेकर दिए गए बयान पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की व्यापक आलोचना हो रही है. पाकिस्तान की विपक्षी महिला सांसदों ने भी पाकिस्तान में रेप की बढ़ती घटनाओं के बीच पीएम इमरान के बयान की आलोचना की है.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक अंग्रेजी चैनल (एचबीओ) को हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में खान से पूछा गया था कि क्या महिलाओं केे पहने का असर रेप जैसी घटनाओं के लिए उकसावे को बढ़ावा देता है? इस पर उन्होंने कहा कि अगर किसी महिला ने छोटे कपड़े पहने हैं तो इसका असर होता है. पुरुषों पर इसका असर होगा, बशर्तें वो रोबोट नहीं हैं तो. यह कॉमन सेंस की बात है.
इमरान का इंटरव्यू लेने वाले जोनाथन स्वान ने जब अपने सवाल को दूसरे तरीके से पूछा, “लेकिन क्या ये असल में यौन हिंसा के अपराधों के लिए उकसाता है?” इस पर इमरान का जवाब था- “ये निर्भर करता है कि आप किस समाज में रहते हैं.“अगर किसी समाज के लोगों ने इस तरह की बातों को नहीं देखा है, तो उन पर असर होगा. आपके जैसे समाज में पले बढ़े होने पर हो सकता है कि आप पर इसका असर ना हो. ये सांस्कृतिक साम्राज्यवाद... हमारी संस्कृति में जो है, वो और सभी को भी स्वीकार्य हो.”
पाकिस्तान के पीएम के इस बयान बाद वह लोगों के निशाने पर आ गए हैं, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज शरीफ) की प्रवक्ता मरियम औरंगजेब ने एक ट्वीट में कहा- “दुनिया को एक बीमार, महिलाओं से नफरत करने वाले, विकृत शख्स (इमरान खान) की सोच में झांकने का मौका मिला है. ये महिलाओं का चुनाव नहीं है जिसकी वजह से यौन हमले होते हैं बल्कि ये पुरुष होते है जो ऐसे घृणित और घिनौने अपराधों में शामिल होना चुनते हैं.”
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पाकिस्तान की विपक्षी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की सांसद शेरी रहमान ने कहा कि, "हमारे कानून हों या हमारा धर्म, ये बिल्कुल साफ है कि महिलाओं का सम्मान करना पुरुषों की जिम्मेदारी है. किसी भी पुरुष को ये अधिकार नहीं है कि वो औरतों को उनके पहनावे के लिए दोष दे या बताए कि वो कैसे कपड़े पहनें.”
इमरान के बयान पर शुरू हुए विवाद के बाद पाकिस्तान की रूलिंग पार्टी तहरीक ए इंसाफ ने पार्टी की महिला नेताओं को इमरान खान के बचाव में उतार दिया. मंत्री जरताज गुल, मलिका अली बोखारी और कंवल शौजाब ने मगंलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि इमरान खान के बयान का गलत मतलब निकाला गया है. जरताज गुल ने कहा कि पीटीआई सरकार ने पाकिस्तान में पहली बार महिलाओं को संगठित किया. ट्राइबल एरिया से आने वाली मेरे जैसी महिला को संसद में जगह मिली. कैबिनेट में पहली बार पांच महिलाएं हैं.
बोखारी ने कहा कि हम मजबूत महिला हैं और हमारे नेता इमरान खान ने हमें और सशक्त किया है. शौजाब ने तो यह तक कह डाला की अगर आप उन लोगों में शामिल हैं जो पीएम के बयान की आलोचना कर रहे हैं तो फिर आप अल्लाह के आदेशों से असहमत हैं. उन्होंने आगे कहा कि पीएम ने महिलाओं के लिए अल्लाह के आदेश को ही विस्तार से बताया.
गौरतबल है कि पाकिस्तानी मीडिया के आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तान में रोजाना 11 रेप के मामले होते हैं, पिछले 6 सालों में 22 हजार मामले दर्ज किए गए हैं.पिछले साल नवंबर में न्यूज इंटरनेशनल ने रिपोर्ट किया था कि रेप के केवल 77 आरोपियों को दोषी ठहराया गया है जो कि कुल आंकड़ों का 0.3 प्रतिशत है.
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