कोरोना वायरस: PAK सरकार की तैयारियों पर लोगों को भरोसा नहीं, अब तक 20 पॉजिटिव

दुनिया भर में कोरोना वायरस (Covid-19) के संक्रमण से प्रभावित लोगों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है और इसे वैश्विक महामारी घोषित किया जा चुका है. पाकिस्तान भी कोरोना वायरस के असर से अछूता नहीं है. पाकिस्तान में 20 पॉजिटिव केस की पुष्टि हो चुकी है और देश के अलग-अलग हिस्सों में हजारों लोगों को निगरानी में रखा गया है.

Advertisement
प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटोः PTI) प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटोः PTI)

हमजा आमिर

  • इस्लामाबाद,
  • 12 मार्च 2020,
  • अपडेटेड 8:26 PM IST

  • विदेश से लौटे लोग बिना स्क्रीनिंग पहुंचे अपने शहर
  • अब उनसे अपने रिश्तेदार भी बना रहे हैं दूरी

दुनिया भर में कोरोना वायरस (Covid-19) के संक्रमण से प्रभावित लोगों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है और इसे वैश्विक महामारी घोषित किया जा चुका है. पाकिस्तान भी कोरोना वायरस के असर से अछूता नहीं है. पाकिस्तान में 20 पॉजिटिव केस की पुष्टि हो चुकी है और देश के अलग-अलग हिस्सों में हजारों लोगों को निगरानी में रखा गया है.

Advertisement

ऐसी स्थिति में लोगों ने कोरोना वायरस के खतरे से निपटने में पाकिस्तान सरकार की क्षमता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. इनमें दूसरे देशों से पाकिस्तान आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग के लिए उठाए जाने वाले कदम भी शामिल हैं. ऐसे में विदेश से जो लौटे हैं उनसे लोग कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से खुद ही दूरी बना कर चल रहे हैं.

यह भी पढ़ें- कोरोना वायरस: पाकिस्तान ने अफगानिस्तान से सटा बॉर्डर किया बंद

लोग कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए पाकिस्तान सरकार की तैयारियों को लेकर भी आशंकित है. ये हकीकत है कि कुछ लोग हाल में ईरान और इराक से लौटे और कराची एयरपोर्ट से निकल कर सिंध प्रांत में अपने गृह नगर लरकाना पहुंच गए. इनकी कोरोना वायरस के लिए किसी तरह की स्क्रीनिंग भी नहीं हुई.

Advertisement

यह भी पढ़ें- कोरोना: करतारपुर कॉरिडोर जाने पर सतर्क रहें श्रद्धालु, मंत्री बोले- एडवाइजरी लाए सरकार

ऐसे में लरकाना में कई स्थानीय नागरिकों ने ईरान-इराक से लौटे लोगों के लिए रिश्तेदारी होने के बावजूद अपने घरों के दरवाजे बंद कर दिए. लरकाना जिले के रातो डेरो के रहने वाले रिज़वान शेख़ ने कहा, "मेरी पत्नी का भाई अभी ईरान और इराक की यात्रा करके लौटा है. उसकी एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग नहीं हुई. मैंने पत्नी से कहा है कि वो घर के दरवाजे अपने भाई और उसके परिवार के लिए बंद रखे और उन्हें किसी सूरत में अंदर न आने दे."

स्क्रीनिंग न होने से खौफ

विदेश से लौटे लोगों में बेशक फ्लू या बुखार के कोई लक्षण नहीं दिख रहे, लेकिन उनकी एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग नहीं होने की वजह से स्थानीय नागरिकों के दिलों में खौफ समाया हुआ है. इसलिए वो उनसे दूसरे ग्रह के प्राणियों की तरह बर्ताव कर रहे हैं और दूरी बना कर रख रहे हैं. शेख ने अपनी पत्नी के भाई को लेकर कहा कि क्योंकि कोई उससे मिलना नहीं चाह रहा इसलिए उसने खुद को घर में बंद कर लिया है. सिंध के दूसरे हिस्सों से भी ऐसी ही कहानियां सामने आ रही हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विदेश से लौटे लोगों ने बिना कोई स्क्रीनिंग हुए खेतों में काम करना भी शुरू कर दिया है.

Advertisement

यह भी पढ़ें- कोरोना वायरस: पाकिस्तान की इकोनॉमी को खतरा, 5 बिलियन डॉलर का हो सकता है नुकसान

सिंध के सांघर इलाके के एक शख्स ने बताया, "मेरे गांव सांघर में दो लोग बीते हफ्ते ईरान से लौटे हैं. अभी तक कोई भी उनके टेस्ट के लिए नहीं पहुंचा है. बिना किसी लक्षण वो खेतों में काम कर रहे थे. अब मीडिया रिपोर्ट आने के बाद उन्होंने अपने फोन बंद कर दिए हैं और गांव से बिना किसी को बताए सांघर शहर की ओर चले गए हैं."

ईरान सीमा पर बसे तंबुओं के गांव

इन सब हालात में लोगों को कोरोना वायरस के तेजी से फैलने की आशंका सता रही है. पाकिस्तान में 20 पॉजिटिव केस पाए जाने ने उनके डर को और बढ़ा दिया है. दूसरी ओर सरकार का कहना है कि कोरोना वायरस को लेकर सभी ऐहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं. सिंध में सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है. ईरान और अफगानिस्तान से लगती सीमाओं को सील कर दिया गया है. पाकिस्तान-ईरान सीमा पर अस्थायी तंबुओं के गांव बनाए गए हैं. साथ ही हर जगह अस्पतालों को हाई-अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement