चीन: विदेश मंत्री 'किन गैंग' का इस्तीफा स्वीकार, कई बड़े नेता भी हुए सेंट्रल कमेटी से बाहर

चीन के कम्युनिस्ट पार्टी ने कई बड़े फैसले लिए हैं. केंद्रीय कमेटी से कई सदस्यों को भ्रष्टाचार और पार्टी का अनुशासन तोड़ने की वजह से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

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Xi Jinping  File Photo Xi Jinping File Photo

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 11:49 PM IST

चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने अपनी केंद्रीय कमेटी से बर्खास्त विदेश मंत्री 'किन गैंग' का इस्तीफा गुरुवार को स्वीकार कर लिया. इसके अलावा पार्टी ने पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू के साथ और दो शीर्ष नेताओं को भी हटाने का समर्थन किया. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, ये निर्णय गुरुवार को पार्टी द्वारा आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया.

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कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा रखी गई इस चार दिवसीय बैठक में कॉमरेड किन गैंग का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया. पिछले साल 'किन' विदेश मंत्री रहते हुए अचानक गायब हो गए थे, जिसके बाद उन्हें इस पद से हटा दिया गया था.'किन' चीन के सबसे कम समय तक रहने वाले विदेश मंत्री है. हालांकि उनको क्यों हटाया गया है, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है और ना ही ये पता चला है कि 'किन' इन दिनों कहां हैं.

इसके अलावा इस फैसले के बाद भी कमेटी उन्हें एक कॉमरेड के तौर पर ही देखती है. बाद में किन की जगह उनके पूर्ववर्ती वांग यी ने ले ली. जो उच्च स्तर के सदस्य हैं.

इससे पहले 'किन' को राज्य के पार्षद के पद से भी हटा दिया गया था. इसके अलावा 'किन' को चीन की संसद नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (एनपीसी) के सदस्य के पद से भी इस्तीफा देने की इजाजत दी गई थी. इस तीसरी विस्तृत बैठक में जनरल ली शांगफू और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के दो अन्य वरिष्ठ जनरलों ' ली युचाओ' और 'सन जिनमिंग' को पार्टी से निष्कासित करने के फैसले की भी पुष्टि की गई.

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'ली शांगफू' जो इससे पहले चीन के रक्षा मंत्री थे और उनपर भ्रष्टाचार का आरोप लगा था. जिसके बाद शांगफू को रक्षा मंत्री के पद से हटा दिया गया था. रक्षा मंत्री बनने से पहले शांगफू देश की रॉकेट (मिसाइल) फोर्स का नेतृत्व कर रहे थे. उनके साथ 'ली चिंग-युन' को बर्खास्त कर दिया गया था. जो ली शांगफू के साथ रॉकेट (मिसाइल) फोर्स के सदस्य थे.

चीन सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये राष्ट्रपति शी जिनपिंग द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाया गया सफाई अभियान है, जिसके तहत इन तमाम भ्रष्ट लोगों को बाहर निकाल दिया गया है. चीन द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार 2012 से शी जिनपिंग के शासन के दौरान मिलेट्री के 50 से ज्यादा अधिकारियों को हटा दिया गया है.

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