दुनिया को पारदर्शी जानकारी दी
चीन ने कहा है कि कोरोना वायरस के शुरुआत से ही चीन की सरकार पारदर्शी और जिम्मेदराना तरीके से अमेरिका समेत दूसरे देशों और विश्व स्वास्थ्य संगठन को लगातार सूचनाएं दे रहा है.बता दें कि अमेरिका के मिसौरी की जिला अदालत में दायर इस केस में अटॉर्नी जनरल एरिक ने चीन की सरकार, चीनी अधिकारियों और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन को पार्टी बनाया है.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें
याचिका में चीन पर गंभीर आरोप
याचिका में चीन पर जानकारी छुपाने के अलावा व्हिसलब्लोअर को गिरफ्तार करना, मेडिकल रिसर्च में झूठ बोलना, खराब मेडिकल उपकरण मुहैया कराने का आरोप लगाया गया है. साथ ही दुनियाभर में महामारी फैलाने का गंभीर आरोप लगाया गया है. इस याचिका में चीन से भारी मुआवजे की मांग की गई है, इसके अलावा चीन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की भी मांग की गई है.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
याचिका में कहा गया है कि चीनी सरकार को कोरोना वायरस के बारे में पता था लेकिन उसने दुनिया को नहीं बताया. और जो लोग बताने जा रहे थे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
मुकदमा संप्रभुता के सिद्धांत का उल्लंघन
अब इसकी प्रतिक्रिया में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग सुआंग ने कहा कि चीन 3 जनवरी से ही अमेरिका को लगातार अपडेट दे रहा है. उन्होंने कहा, "ये तथाकथित मुकदमा कानून का दुरुपयोग है. ये मुकदमा अंतरराष्ट्रीय कानून में समता और बराबरी की संप्रभुता के सिद्धांत का उल्लंघन करता है." चीन ने कहा कि इस महामारी के दौरान चीन सरकार द्वारा उठाये गए कदम अमेरिका के न्याय क्षेत्र में नहीं आते हैं.
चीन के मुताबिक ऐसी मुकदमेबाजी अमेरिका चीन के भविष्य के रिश्तों के लिए लाभकारी नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को ऐसे मुकदमे को सिरे से खारिज कर देना चाहिए.
aajtak.in