पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF ) ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है. बीएसएफ ने बांग्लादेशी बहनों को जीरो लाइन पर उनके मृत भारतीय भाई के अंतिम दर्शन करवाए.
यह घटना 14 दिसंबर 2024 को बीएसएफ की 32 बटालियन के अधिकार क्षेत्र में सीमा चौकी मटियाई के पास जीरो लाइन (अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा) पर हुई.
भारत में रहता था भाई, बांग्लादेश की थी बहनें
दरअसल, कुछ समय पहले नादिया जिले के थाना कृष्णगंज के बागनपाड़ा गांव निवासी रोमजान मंडल का निधन हो गया था. सीमावर्ती गांव बागनपाड़ा के पंचायत सदस्य ने इसके बारे में मटियारी सीमा चौकी के कंपनी कमांडर को दी. बांग्लादेश की सीमा से सटे गांव में रहने वाली उनकी दो बहनों ने अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई देने की इच्छा जताई.
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परिवार के अनुरोध के गहरे भावनात्मक महत्व को समझते हुए, कंपनी कमांडर ने दुख की इस घड़ी में परिवार को फिर से मिलाने के लिए त्वरित और सहानुभूतिपूर्ण कार्रवाई की. बीएसएफ ने बीजीबी के साथ कॉर्डिनेसन करके मृतक की बहनों और रिश्तेदारों के लिए अंतर्राष्ट्रीय सीमा में जीरो लाइन पर दिवंगत रोमजान मंडल के अंतिम दर्शन की व्यवस्था की.
दोनों परिवारों ने जताया BSF का आभार
इस दौरान दोनों तरफ से लोग भावुक हो गए. दोनों परिवार के सदस्यों ने सीमा बलों द्वारा अपनाए गए मानवीय दृष्टिकोण के लिए आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर बीएसएफ, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा, “बीएसएफ के जवान न केवल दिन-रात सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों की मानवीय और सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भी तैयार रहते हैं.'
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अनुपम मिश्रा