पश्चिम बंगाल: बांग्लादेश में रहने वाली बहनों को BSF ने कराए भारतीय भाई के अंतिम दर्शन, बॉर्डर पर की विशेष व्यवस्था

इस अवसर पर बीएसएफ, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा, “बीएसएफ के जवान न केवल दिन-रात सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों की मानवीय और सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भी तैयार रहते हैं.'

Advertisement
सीमा पर तैनात BSF के जवान (File Photo) सीमा पर तैनात BSF के जवान (File Photo)

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता,
  • 16 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST

पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF ) ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश की है. बीएसएफ ने बांग्लादेशी बहनों को जीरो लाइन पर उनके मृत भारतीय भाई के अंतिम दर्शन करवाए.

यह घटना 14 दिसंबर 2024 को बीएसएफ की 32 बटालियन के अधिकार क्षेत्र में सीमा चौकी मटियाई के पास जीरो लाइन (अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा) पर हुई.

Advertisement

भारत में रहता था भाई, बांग्लादेश की थी बहनें

दरअसल, कुछ समय पहले नादिया जिले के थाना कृष्णगंज के बागनपाड़ा गांव निवासी रोमजान मंडल का निधन हो गया था. सीमावर्ती गांव बागनपाड़ा के पंचायत सदस्य ने इसके बारे में मटियारी सीमा चौकी के कंपनी कमांडर को दी. बांग्लादेश की सीमा से सटे गांव में रहने वाली उनकी दो बहनों ने अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई देने की इच्छा जताई.

यह भी पढ़ें: BSF ने घुसपैठ की कोशिश की नाकाम, भारत-बांग्लादेश सीमा पर 4 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़ा

परिवार के अनुरोध के गहरे भावनात्मक महत्व को समझते हुए, कंपनी कमांडर ने दुख की इस घड़ी में परिवार को फिर से मिलाने के लिए त्वरित और सहानुभूतिपूर्ण कार्रवाई की. बीएसएफ ने बीजीबी के साथ कॉर्डिनेसन करके मृतक की बहनों और रिश्तेदारों के लिए अंतर्राष्ट्रीय सीमा में जीरो लाइन पर दिवंगत रोमजान मंडल के अंतिम दर्शन की व्यवस्था की.

Advertisement

दोनों परिवारों ने जताया BSF का आभार

इस दौरान दोनों तरफ से लोग भावुक हो गए. दोनों परिवार के सदस्यों ने सीमा बलों द्वारा अपनाए गए मानवीय दृष्टिकोण के लिए आभार व्यक्त किया. इस अवसर पर बीएसएफ, दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के जनसंपर्क अधिकारी ने कहा, “बीएसएफ के जवान न केवल दिन-रात सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर रहने वाले लोगों की मानवीय और सामाजिक जरूरतों को पूरा करने के लिए भी तैयार रहते हैं.'

यह भी पढ़ें: Operation Illegals-2: भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर कैसे होती है घुसपैठ, जानें कितना मजबूत है ये अवैध सिस्टम

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement