लखनऊ में 4000 करोड़ रुपये के फ्रॉस्ट बोथरा बैंक घोटाले के आरोपित को हाई कोर्ट से जमानत नहीं मिली है. जमानत याचिका खारिज होने के बाद सोशल एक्टिविस्ट और वकीलों ने इस मामले में नए खुलासे किए हैं. उनका दावा है कि राजेश बोथरा और फ्रॉस्ट ग्रुप ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 14 सरकारी बैंकों से भारी कर्ज हासिल किया. इसके अलावा, शेल कंपनियों के जरिए पैसा विदेश भेजे जाने और मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर संकेत सामने आए हैं.