यूपी के बागपत जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पति के धार्मिक रूप से भटकने और परिवार को छोड़ने का आरोप लगाते हुए पुलिस से मदद की गुहार लगाई है. पीड़िता ज्योति, मूलतः दिल्ली के बिलासपुर इलाके की रहने वाली हैं और उनकी शादी बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के महेशपुर चौपड़ा गांव निवासी अजय से कुछ वर्ष पहले हुई थी. पति अजय हरियाणा के सोनीपत जिले के राई क्षेत्र में एक निजी कंपनी में काम करते थे.
ज्योति के अनुसार, सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन बीते कुछ महीनों में अजय का व्यवहार पूरी तरह से बदल गया. ज्योति कहती है कि यह बदलाव तब शुरू हुआ जब अजय की दोस्ती फेसबुक के जरिए 'फरमान मलिक उर्फ शानू' से हुई.
दोस्ती के बाद शुरू हुआ बदलाव
ज्योति का दावा है कि सोशल मीडिया पर हुई इस दोस्ती के बाद से अजय की दिनचर्या और जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया. जो अजय पहले हर सुबह मंदिर जाता था, नवरात्रि का व्रत रखता था, आरती करता था. वह अब ईद मनाने लगा. पत्नी ने बताया कि कुछ समय पहले जब नवरात्र का पर्व आया, तो अजय ने न तो व्रत रखा और न ही पूजा की. इसके बजाय, वह कथित रूप से फरमान मलिक के साथ ईद मनाने चला गया.
मुझे धमकी दी गई
ज्योति का आरोप है कि जब उन्होंने इस रिश्ते का विरोध किया तो उन्हें फरमान की ओर से धमकी भरे फोन कॉल आए. उसने मुझे कहा कि वह अजय को मुझसे और मेरे धर्म से पूरी तरह दूर कर देगा और अब वही हो रहा है. अजय कई महीने से घर नहीं लौटा है, मैं बच्चों के साथ अकेली हूं.
धर्म परिवर्तन की आशंका, पुलिस से लगाई गुहार
ज्योति ने इस पूरे मामले में धर्मांतरण की आशंका भी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि कहीं उनका पति धर्म बदलने की प्रक्रिया में तो नहीं है. मेरे पति को किसी के बहकावे में डालकर उससे उसकी पहचान, उसका धर्म और उसका परिवार सब कुछ छीन लिया जा रहा है. अगर अब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हमारा पूरा परिवार टूट जाएगा. उन्होंने स्थानीय पुलिस और सरकार से मदद की अपील करते हुए कहा है कि मेरे सुहाग को बचा लीजिए.
बागपत पुलिस कर रही है जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए बागपत पुलिस ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा है कि शिकायत मिल चुकी है और जांच की जा रही है. जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में सोशल मीडिया चैट्स, कॉल डिटेल्स और लोकेशन ट्रेसिंग के जरिए साक्ष्य इकट्ठे किए जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अजय वास्तव में किसके संपर्क में है और किस दिशा में यह मामला जा रहा है.
मनुदेव उपाध्याय