समाज कल्याण विभाग में बड़ा एक्शन! सभी संविदा कर्मियों का पुलिस-डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन अनिवार्य

यूपी सरकार के समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण ने विभाग में आउटसोर्सिंग के जरिए कार्यरत सभी संविदा कर्मियों के डॉक्यूमेंट और पुलिस वेरिफिकेशन के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में फर्जी दस्तावेज़ों से नियुक्ति के मामलों के बाद यह फैसला लिया गया. तीन महीने के भीतर सभी मौजूदा कर्मियों और कोर्स कोऑर्डिनेटरों का वेरिफिकेशन पूरा किया जाएगा.

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समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण.(File Photo: ITG) समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण.(File Photo: ITG)

संतोष शर्मा

  • लखनऊ,
  • 11 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:13 PM IST

उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने मैन पावर सप्लाई एजेंसी के जरिए काम करने वाले सभी कर्मचारियों के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के निर्देश जारी किए हैं. इसके तहत समाज कल्याण विभाग में संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत सभी कर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन और दस्तावेज़ों की जांच अनिवार्य की गई है. विभाग का लक्ष्य है कि अगले तीन महीनों में यह पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाए.

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समाज कल्याण विभाग में लंबे समय से आउटसोर्सिंग के जरिए बड़ी संख्या में कर्मचारी काम कर रहे हैं. अब सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना पूरी जांच के कोई भी कर्मचारी विभाग में काम नहीं करेगा. इस फैसले से विभाग में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है.

यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में लागू किया ESMA, सरकारी विभागों को भेजा गया निर्देश

फर्जी नियुक्तियों के बाद सख्त फैसला

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत कुछ कोर्स कोऑर्डिनेटरों द्वारा फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर नियुक्ति लेने के मामले सामने आए थे. इन्हीं मामलों को गंभीरता से लेते हुए समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में ऐसी किसी भी अनियमितता की कोई गुंजाइश न रहे.

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राज्यमंत्री ने आउटसोर्सिंग से जुड़ी नियुक्तियों के लिए स्पष्ट शासनादेश जारी करने को कहा है. इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से होने वाली सभी भर्तियां तय नियमों, मानकों और प्रक्रिया के अनुसार ही हों.

डॉक्यूमेंट और पुलिस जांच अनिवार्य

प्रस्तावित शासनादेश में यह साफ किया जाएगा कि आउटसोर्सिंग से नियुक्त सभी कर्मचारियों के शैक्षिक और अन्य जरूरी दस्तावेज़ों की पूरी तरह जांच होगी. इसके साथ ही सभी कर्मियों का पुलिस वेरिफिकेशन भी अनिवार्य रहेगा, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी सामने न आए.

इसके अलावा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत आउटसोर्सिंग से नियुक्त सभी कोर्स कोऑर्डिनेटरों का भी तीन महीने के भीतर वेरिफिकेशन पूरा कराया जाएगा.

तीन महीने में पूरी होगी जांच

राज्यमंत्री असीम अरुण ने निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में कार्यरत सभी आउटसोर्सिंग कर्मियों के दस्तावेज़ों की जांच भी अगले तीन महीनों में पूरी कर ली जाए. उन्होंने साफ कहा कि विभाग में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

राज्यमंत्री ने कहा कि जहां भी गड़बड़ी सामने आएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी. सरकार का मकसद है कि समाज कल्याण विभाग में सभी नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी, नियमों के अनुसार और निष्पक्ष हों.

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