यूपी में तैनात IPS अधिकारी जुगल किशोर तिवारी को सस्पेंड कर दिया है. वर्तमान में वह डीआईजी फायर सर्विसेज के पद पर पोस्टेड थे. आचरण नियमावली का पालन ना करने के चलते उनपर ये एक्शन लिया गया है. आरोप है कि IPS जुगल किशोर ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर दो साल से ज्यादा छुट्टी पर रहे एक सरकारी ड्राइवर की सुनवाई करते हुए नियमों के परे जाकर उसे लाभ पहुंचाया था.
दरअसल, उन्नाव में तैनात एक फायरमैन को मिली विभागीय सजा खत्म करने पर डीआईजी फायर सर्विस जुगल किशोर तिवारी को सस्पेंड किया गया है. उन्नाव में तैनात फायर विभाग का ड्राइवर बीमारी के चलते कई दिन ड्यूटी से गायब रहा था. बिना अनुमति के ड्यूटी से गायब रहने पर उसे एक साथ दो सजा दी गई थी. ड्राइवर को 3 साल के लिए न्यूनतम वेतन दिया गया, साथ ही छुट्टी की अवधि में लीव विदाउट पेमेंट दिया गया था.
बता दें की करीब डेढ़ साल पहले के इस मामले में तत्कालीन एसपी उन्नाव ने ड्राइवर को दंड दिया था. इसके बाद विभाग के डीआईजी से अपील की गई थी. जिसपर डीआईजी जुगल किशोर तिवारी ने एक अपराध में दो सजा नही देने के सिद्धांत में फायर विभाग के ड्राइवर को क्लीन चिट दे दी थी.
ड्राइवर को क्लीन चिट देने पर अब डीआईजी जुगल किशोर तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया है. वहीं, जुगल किशोर का इस पूरे मामले पर कहना है कि मैंने नियमतः काम किया है. उचित फोरम में अपनी बात रखूंगा. कुल मिलकर उन्होंने अपने सस्पेंशन पर सवाल खड़े किए हैं. ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि सरकार आगे क्या निर्णय लेती है.
संतोष शर्मा