नागालैंड टू लखनऊ... और मुख्तार अंसारी से कनेक्शन, इस केस में सपा के बाहुबली विधायक के साले पर पुलिस ने कसा शिकंजा!

यूपी में समाजवादी पार्टी के MLA अभय सिंह के साले संदीप के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है. आरोप है कि संदीप ने नागालैंड से फर्जी नाम पते पर बने राइफल के लाइसेंस को लखनऊ में माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक निवास के पते पर ट्रांसफर करवाया था.

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 संदीप सिंह और मुख्तार अंसारी संदीप सिंह और मुख्तार अंसारी

संतोष शर्मा

  • लखनऊ ,
  • 24 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 2:48 PM IST

सपा विधायक अभय सिंह के साले संदीप सिंह के खिलाफ यूपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने संदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. आरोप है कि संदीप ने नागालैंड से फर्जी नाम व पते पर बने राइफल के लाइसेंस को लखनऊ में माफिया मुख्तार अंसारी के विधायक निवास के पते पर ट्रांसफर करवाया था. इस मामले की जांच तेजी से चल रही है. 

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इसके अलावा संदीप सिंह पर यह भी आरोप है कि उसने अयोध्या के पते पर बने पिस्टल के लाइसेंस में अपना आपराधिक इतिहास छुपाया था. जांच के बाद सामने आए फर्जीवाड़े के सबूत के साथ विभूति खंड पुलिस ने बीते दिन (23 अगस्त) चार्जशीट दाखिल कर दी है. 

हैरानी की बात यह है कि जांच के दौरान यूपी एसटीएफ (UP STF) को लखनऊ जिला प्रशासन के असलहा विभाग से संदीप सिंह के लाइसेंस संबंधी पत्रावली नहीं मिली. जिसपर STF ने असलहा विभाग के तत्कालीन कर्मचारियो की मिली भगत की आशंका जताते हुए कानूनी कार्रवाई करने की सिफारिश की है. जिसके बाद महकमे हड़कंप मच गया. 

मालूम हो कि यूपी एसटीएफ ने 27 मई को विभूतिखंड से सपा विधायक अभय सिंह के साले संदीप सिंह को एक राइफल और पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया था. तभी से इस मामले की जांच चल रही थी, जिसमें अब अहम मोड़ आया है. 

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सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला 

नागालैंड से फर्जी नाम और पते पर राइफल का लाइसेंस व अपने अपराधिक इतिहास को छिपाकर गृह जनपद फैजाबाद से दूसरा लाइसेंस लेने के आरोप में संदीप सिंह को मई में लखनऊ से गिरफ्तार किया गया था. संदीप के पास से वह दोनों असलहे भी बरामद किए गए थे जिनको फर्जी नाम पते पर बने लाइसेंस से खरीदा गया था. 

संदीप उर्फ पप्पू सिंह फैजाबाद से सपा विधायक और बाहुबली नेता अभय सिंह का साला है. एसटीएफ की जांच में पता चला कि संदीप ने नागालैंड के मोन जिले से 7099 नंबर से असलहे का लाइसेंस बनवाया था. मून जिले की पुलिस ने जब लाइसेंस नंबर की जांच करवाई गई तो पता चला इस लाइसेंस के लिए किसी और के नाम, पते का इस्तेमाल किया गया था. इतना ही नहीं नागालैंड पुलिस से जारी हुई एनओसी भी फर्जी निकली.

इसके साथ ही साल 2006 में फैजाबाद के मूल पते पर संदीप ने रिवॉल्वर का जो लाइसेंस हासिल किया था उसमें भी अपने अपराधिक इतिहास को छुपा लिया था. उस समय संदीप पर विभिन्न गंभीर धाराओं में पांच मुकदमे दर्ज थे. वर्तमान में उसपर अयोध्या, वाराणसी कानपुर और लखनऊ में कुल 9 मुकदमे दर्ज हैं. 

STF ने लाइसेंस की जांच करने के बाद संदीप सिंह को गिरफ्तार किया और उसकी की निशानदेही पर दोनो लाइसेंस भी बरामद किए. पूछताछ में पता चला है कि संदीप लखनऊ में 6 कंपनियों का मालिक है. STF को शक है संदीप की इन कंपनियों की आड़ में बाहुबली विधायक अभय सिंह अपनी ब्लैक मनी को खपा रहा है, जिसकी जांच की जारी है. 

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