उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में गिद्धों के अचानक बढ़ने से वन विभाग की टीम काफी उत्साहित हैं. जिले में तीन जगहों पर गिद्धों के झुंड देखे गए हैं, जिनमें हैदरगढ़, जहांगीराबाद और दरियाबाद है. वहीं, जब वन विभाग को गिद्धों के झुंड के बारे में पता चला, तो वन विभाग के डीएफओ आकाशदीप ने उनकी हिफाजत के लिए टीम गठित की है और उनके संरक्षण की तैयारी में जुटे हैं.
दरअसल, पूरे देश में गिद्धों की संख्या लुप्त हो रहे हैं. मगर, दो दिन पहले गिद्धों का एक झुंड जहांगीराबाद के बांभोरा गांव के पास देखा गया. यहां एक मृत जानवर के आवेश पड़े थे, जिसे वे खा रहे थे. वहीं, हैदरगढ़ और दरियाबाद के एक गांव में पेड़ पर गिद्धों का झुंड देखा गया. तीनों जगह जब गांव वालो ने ये नजारे देखें, तो अपने फोन के कैमरे वीडियो और फोटो खींच लिया.
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'साल 2012 में 2 हजार 70 गिद्ध मिले थे'
इसके बाद गांव के लोगों ने वन विभाग को सूचना दी. सूचना मिलते ही मौके पर वनकर्मी पहुंचे. बता दें कि साल 2012 में वन विभाग ने पूरे प्रदेश में गिद्धों की गिनती करवाई थी, जिसमें 2012 में 2 हजार 70 गिद्ध मिले थे. साल 2017 में हुई गिनती में इनकी संख्या घट कर 1 हजार 350 रह गई थी. मगर, फिर से बाराबंकी में गिद्धों के झुंड देखा गया है.
मामले में डीएफओ ने कही ये बात
डीएफओ आकाशदीप वाधवान ने बताया कि ये गिद्ध पर्यावरण प्रहरी हैं. ये भारतीय उपमहाद्वीप के मूल निवासी और शिकारी गिद्ध हैं और ये लंबी आयु के गिद्ध हैं. इनकी संख्या बढ़ने से जिले का पर्यावरण अच्छा होगा. पूरे देश में गिद्धों की 95% की कमी हुई थी. इसका कारण था डिक्लोफेनाक दवा. अब सरकार ने इस पर पाबंदी लगाई है, तो गिद्धों की संख्या में देश में फिर इजाफा होना शुरू हुआ है. फिलहाल, ये हैदरगढ़, दरियाबाद और जहांगीराबाद की झीलों के पास रह रहे हैं.
सैयद रेहान मुस्तफ़ा