उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के एक प्राथमिक विद्यालय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां एक स्कूली छात्र ने आरोप लगाया है कि स्कूल की प्रधानाध्यापिका ने उसकी धार्मिक पहचान का अपमान करते हुए उसकी चोटी (शिखा) काट दी और माथे से तिलक जबरदस्ती पोंछ दिया. यह घटना शुक्रवार को काज़ीखेड़ा गांव के एक सरकारी स्कूल में हुई.
छात्र के परिवार वालों ने इस घटना के खिलाफ शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. छात्र के अनुसार, वह प्रतिदिन स्कूल में तिलक लगाकर जाता है और उसकी धार्मिक आस्था के अनुसार उसने सिर पर शिखा रखी हुई है. लेकिन शुक्रवार को प्रधानाध्यापिका ने पहले उसका तिलक पोंछा और फिर उसकी चोटी काट दी.
स्थानीय लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया
इस घटना से गांव में रोष फैल गया. जैसे ही यह मामला सामने आया, स्थानीय लोगों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपी प्रधानाध्यापिका पर सख्त कार्रवाई की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ एक छात्र नहीं बल्कि पूरे समुदाय की धार्मिक भावनाओं का अपमान है.
कार्रवाई का भरोसा
सर्कल ऑफिसर सुष्री ऋषिका सिंह ने जानकारी दी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा, 'हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.'
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है. कुछ लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील कर रहे हैं. फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तरों पर इस मामले की जांच चल रही है.
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