झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर का खौफनाक अंत: सड़क पर मिली अनीता चौधरी की खून से लथपथ लाश, हत्या या हादसा?

झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी का शव संदिग्ध हालत में मिला. परिजनों का आरोप है कि गहने और मोबाइल लूटकर उनकी हत्या की गई और हादसे का रूप देने के लिए ऑटो पलट दिया गया. पुलिस इसे फिलहाल एक्सीडेंट मान रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.

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झांसी की 40 वर्षीय ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी (Photo- ITG) झांसी की 40 वर्षीय ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी (Photo- ITG)

प्रमोद कुमार गौतम

  • झांसी ,
  • 05 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:28 PM IST

यूपी के झांसी में 40 वर्षीय ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी की खून से लथपथ लाश मिली है. मृतका जिले की पहली महिला ड्राइवर थी. परिजनों का आरोप है कि लूटपाट कर उसकी हत्या की गई है. वहीं, पुलिस अभी तक इसे एक्सीडेंट मान रही है. फिलहाल, जांच पड़ताल चल रही है. मामले से इलाके में सनसनी फैल गई है. 

परिजनों के अनुसार, अनीता चौधरी रात 9:30 बजे घर से ऑटो चलाने निकली थी. देर रात करीब 1:30 बजे उन्हें उसकी मौत की सूचना मिली. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भेज दिया है.

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जानिए अनीता की कहानी 

मृतका अनीता नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा स्थित अंबेडकर नगर में रहती थी और वह झांसी में पहली ऑटो महिला चालक थी. अनीता ने 15 साल तक नौकरी की थी. 2020 में उसकी सुपरवाइजर से कहासुनी हो गई थी. सुपरवाइजर ने गुस्से में कहा- कल से मत आना. ये बात अनीता को लग गई और उसने नौकरी छोड़ दी. मैनेजर से लेकर अन्य अधिकारियों के कॉल आए, मगर अनीता नौकरी पर नहीं गई.

अनीता का पति द्वारका चौधरी बस स्टैंड के पास ठेला लगाता है. इससे घर का खर्चा नहीं चल पाता था. तब अनीता बच्चों को लेकर महाराष्ट्र चली गई. 10-15 दिन ही हुए थे कि कोरोना की वजह से लॉकडाउन लगने की चर्चा होने लगी. ऐसे में वह घर लौट आई.

महाराष्ट्र से लौटने के बाद अनीता के घर के हालत और बिगड़ गए. तब फाइनेंस पर ऑटो लेकर चलाने का प्लान बनाया.  शुरू में कोई बैंक लोन देने को तैयार नहीं था. बाद में एक निजी बैंक ने लोन देने की हामी भरी. बैंक के अधिकारी घर आए तो पति ने आधार कार्ड और अपने बैंक खाता देने से मना कर दिया. घर वाले अनीता के ऑटो चलाने का विरोध कर रहे थे.  अनीता ने किसी तरह काजगात पूरे किए. 18 फरवरी 2021 को फाइनेंस पर नया ऑटो खरीदा. अनीता को ऑटो चलाना नहीं आता था. पड़ोसी ऑटो ड्राइवर ने उसे ऑटो चलाना सिखाया. इस तरह अनीता झांसी की पहली ऑटो ड्राइवर बन गई.

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बहन ने बताया घटना वाली रात क्या हुआ 

अनीता की बहन विनीता चौधरी ने बताया- वो सुबह और रात को ऑटो चलाती थी. दिन में घर का काम करती थी. इसी से वह अपने परिवार का भरण पोषण करती थी. रविवार रात 9:30 बजे वह घर से ऑटो चलाने निकली थी. देर रात करीब 1:30 बजे फोन आया कि स्टेशन रोड पर सुकुवां-ढुकुवां कॉलोनी के पास अनीता लहूलुहान हालत में पड़ी है. तब हम लोग मौके पर पहुंचे. वहां ऑटो पलटा हुआ था और अनीता की मौत हो चुकी थी. उसके सिर्फ सिर में चोट थी और कहीं चोट नहीं है. इसलिए आशंका है कि उसकी हत्या हुई है.

बकौल विनीता- एक्सीडेंट होता तो और भी जगह चोट होती. इसके अलावा मंगलसूत्र, कान-नाक के गहने, पायल और मोबाइल भी गायब हैं. इससे लग रहा है कि लूटपाट कर अनीता की हत्या की गई और फिर लाश को फेंका गया है. ऑटो भी पलटाया गया है. कैमरे खंगाले जाएं, हमें न्याय मिलना चाहिए.  

वहीं, पुलिस के क्षेत्राधिकारी नगर लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि अभी तक इसे एक्सीडेंट माना जा रहा है. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. परिजनों के आरोपों के आधार पर छानबीन चल रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत कारण स्पष्ट हो जाएगा.

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