कानपुर में इंजीनियर की मौत के बाद हेयर ट्रांसप्लांट पर सवाल, जानें डॉक्टरों की राय और जरूरी सावधानियां

कानपुर में हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान इंजीनियर की मौत ने इस प्रक्रिया को लेकर चिंता बढ़ा दी है. नोएडा के वरिष्ठ हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. निशांत ने इसे सामान्य लेकिन सावधानी मांगने वाली प्रक्रिया बताया है. उन्होंने कहा कि योग्य डॉक्टर से इलाज कराना और मेडिकल हिस्ट्री छुपाए बिना जांच करवाना बेहद जरूरी है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

भूपेन्द्र चौधरी

  • नोएडा ,
  • 12 मई 2025,
  • अपडेटेड 10:16 AM IST

कानपुर में एक इंजीनियर की हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान मौत हो गई, जिससे इस प्रक्रिया को लेकर आम लोगों में डर और सवाल खड़े हो गए हैं. देशभर में सैकड़ों हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक हैं, लेकिन अब लोग जानना चाह रहे हैं कि क्या यह प्रक्रिया वाकई सुरक्षित है.

नोएडा के वरिष्ठ ट्राइकोलॉजिस्ट और हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. निशांत ने बताया कि हेयर ट्रांसप्लांट दो तरीकों से होता है, FUT और FUE. इनमें FUE तकनीक आधुनिक और कम तकलीफ देने वाली है. इसमें मरीज को बेहोश नहीं किया जाता और यह एक मामूली सर्जरी होती है.

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हेयर ट्रांसप्लांट के दौरान इंजीनियर की मौत

डॉ. निशांत ने बताया कि अगर प्रक्रिया अनुभवी डॉक्टर और मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत हो, तो यह पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि कई बार मरीज अपनी पुरानी बीमारियों की जानकारी डॉक्टर को नहीं देते, जिससे जान का जोखिम बढ़ जाता है.

साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि सस्ते पैकेज के लालच में लोग उन क्लीनिकों में चले जाते हैं जहां अप्रशिक्षित लोग इलाज कर रहे होते हैं. ऐसे में क्लीनिक का लाइसेंस, डॉक्टर की योग्यता और मेडिकल स्टैंडर्ड को जरूर जांचें.

सर्जरी से पहले मेडिकल जांच की जरूरत 

डॉ. निशांत ने सलाह दी कि किसी भी सर्जरी से पहले सभी मेडिकल जांच कराएं, डॉक्टर को पूरी जानकारी दें और सिर्फ प्रमाणित और अनुभवी सर्जन से ही हेयर ट्रांसप्लांट करवाएं.

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