घरों पर लटके ताले, गलियां सुनसान, बाजार भी बंद... Ghaziabad के जिस नाहल गांव में हुई पुलिसवाले की हत्या वहां पसरा खौफ

गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में सिपाही सौरभ कुमार की हत्या की गई थी. सौरभ पुलिस टीम के बाद बदमाश कादिर को पकड़ने गए थे. तभी उनपर हमला कर दिया गया था. फिलहाल, कादिर को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन इस वारदात के बाद से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है.

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गाजियाबाद के नाहल गांव में पसरा सन्नाटा गाजियाबाद के नाहल गांव में पसरा सन्नाटा

मयंक गौड़

  • गाजियाबाद ,
  • 30 मई 2025,
  • अपडेटेड 1:36 PM IST

Uttar Pradesh News: बीते रविवार को गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव में सिपाही सौरभ कुमार की हत्या की गई थी. सौरभ पुलिस टीम के बाद बदमाश कादिर को पकड़ने गए थे. तभी उनपर हमला कर दिया गया था. फिलहाल, कादिर को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन इस वारदात के बाद से इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है. गांव की गलियां सुनसान हैं. करीब 35 हजार की आबादी वाले इस गांव में 60 फीसदी से अधिक घरों पर ताले लटके हुए हैं. अधिकतर लोग अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारों या दूसरी जगहों पर पनाह ले चुके हैं. 

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दरअसल, सिपाही की हत्या की घटना के बाद पुलिस ने आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर शिकंजा कसना शुरू किया है. इसके लिए गांव में लगातार दबिश दी जा रही है. ऐसे में कई परिवारों ने सुरक्षा और डर के चलते रातों-रात गांव खाली कर दिया. वे अपने घरों में ताले लगाकर रिश्तेदारियों या अन्य जगहों पर चले गए हैं. जो लोग गांव में रह गए हैं, वे भी अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखकर पुलिस और मीडिया की नजरों से बचने की कोशिश कर रहे हैं. 

स्थिति इतनी गंभीर है कि गांव के सभी स्कूल बंद हैं. राशन की दुकानें, दवा की दुकानों सहित अन्य फल सब्जियों और घरेलू समान के साथ आवश्यक सेवाएं भी तीन-चार दिनों से बंद हैं. गांव का मुख्य बाजार पूरी तरह बंद है और छोटे-बड़े कामों वाली दुकानों में भी ताले जड़े हुए हैं. गांव से गाजियाबाद और मसूरी के बीच रोजाना चलने वाले करीब 100 ऑटो अब घटकर 4-6 रह गए हैं. गांव में जरूरी सामान न मिलने के कारण महिलाएं और बुजुर्ग पैदल या किसी साधन से मसूरी जाकर खरीदारी करने को मजबूर हैं. 

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यह भी पढ़ें: लूट, गैंगस्टर और चोरी के 16 केस... कौन है वो कादिर जिसे पकड़ने गई पुलिस तो भीड़ ने फायरिंग कर सिपाही को मार डाला

आपको बता दें कि सिपाही हत्याकांड के बाद से ही गांव में भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात है. पुलिस सीसीटीवी, अन्य वीडियो आदि की मदद से अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारियां कर रही है. गांव के लोग बदमाश कादिर को इस माहौल के लिए दोषी ठहरा रहे हैं. लोगों का कहना है कि ऐसे अपराधी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए लेकिन वो यह भी चाहते हैं बेकसूर लोगों को कोई दिक्कत न होने पाए. 

इलाके में तैनात पीएसी

वहीं, प्रशासन और पुलिस गांव के माहौल पर नजर बनाए हुए है, लेकिन गांव में फैला खौफ और अव्यवस्था अभी भी जस की तस बनी हुई है. फिलहाल, इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि एक आपराधिक वारदात किस तरह एक पूरे गांव के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकती है. 

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