बच्चे को गोद में लेकर इंटरव्यू देने पहुंची महिला, रिक्रूटर की इंसानियत ने जीता दिल

केन्या की एक महिला अपने 8 महीने के बच्चे के साथ नौकरी के इंटरव्यू में पहुंची. बच्चे की देखभाल का इंतजाम न होने पर उसने पहले ही रिक्रूटर से परमिशन मांगी थी, इंटरव्यू के दौरान बच्चे के रोने के बावजूद महिला ने शांत रहकर सवालों के जवाब दिए.

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रिक्रूटर साइमन इंगारी ने महिला की काबिलियत देखकर उसे नौकरी दे दी.  ( Photo: Pexels) रिक्रूटर साइमन इंगारी ने महिला की काबिलियत देखकर उसे नौकरी दे दी.  ( Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जमकर वायरल हो रही है. इस पोस्ट में आप देख सकते हैं कि एक महिला अपने छोटे बच्चे के साथ नौकरी के इंटरव्यू में पहुंची. इंटरव्यू लेने वाले व्यक्ति का रवैया इतना अच्छा था कि उसकी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. केन्या के करियर काउंसलर साइमन इंगारी ने बताया कि उन्हें एक कैंडिडेट का रात में मैसेज मिला. महिला ने लिखा कि अगले दिन उसका इंटरव्यू है, लेकिन बच्चे की देखभाल का इंतजाम नहीं हो पाया है. उसने पूछा कि क्या वह अपने 8 महीने के बच्चे को इंटरव्यू में ला सकती है. साथ ही यह भी कहा कि अगर इंटरव्यू टालना पड़े तो उसे कोई आपत्ति नहीं है.

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रिक्रूटर ने दिखाई इंसानियत
साइमन इंगारी ने बिना सोचे-समझे मना करने की बजाय इंसानियत दिखाई और जवाब दिया, 'हां, बिल्कुल. कल मिलते हैं.'' अगले दिन महिला अपने बच्चे को गोद में लेकर इंटरव्यू में आई. वह बार-बार माफी मांग रही थी. इंटरव्यू के दौरान बच्चा रोने लगा, लेकिन महिला ने बच्चे को संभालते हुए सवालों के जवाब देना जारी रखा. यह देखकर इंगारी ने इंटरव्यू बीच में रोक दिया और महिला से कहा, 'आप एक रोते हुए बच्चे को संभाल रही हैं, मुश्किल सवालों के जवाब दे रही हैं और फिर भी शांत हैं. यही इस नौकरी की असली योग्यता है.' यह सुनकर महिला की आंखों में आंसू आ गए.

सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल
इंगारी ने बताया कि उस महिला को नौकरी दे दी गई. वह पिछले एक साल से कंपनी में काम कर रही है और सबसे भरोसेमंद कर्मचारियों में से एक है. उन्होंने कहा कि कामकाजी माता-पिता, खासकर मांएं, बहुत अनुशासित, जिम्मेदार और मजबूत होती हैं. जो लोग रात में बच्चे को संभाल सकते हैं, वे काम के दबाव को भी आसानी से झेल लेते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी कंपनी की भर्ती प्रक्रिया माता-पिता की मुश्किलों को नहीं समझती, तो वह योग्यता नहीं बल्कि सुविधा को प्राथमिकता दे रही है. यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है और लाखों लोग इस सोच और संवेदनशीलता की तारीफ कर रहे हैं.

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