एक बार्बर के सैलून में क्या दिखना चाहिए? आम तौर पर कैंची, उस्तरा, कंघी और ट्रिमर. लेकिन इस बार्बर का सैलून बिल्कुल अलग है. यहां दीवारों पर फावड़ा, कैंची, रिंच और प्रेस टंगे मिलते हैं. पहली नजर में यह जगह किसी हार्डवेयर की दुकान जैसी लगती है, मगर यहीं सफारी मार्टिन्स अपने अनोखे अंदाज से हेयरकट करते हैं और यही अंदाज उन्हें दुनिया भर में वायरल बना चुका है.
यहां बाल काटते हैं सफारी मार्टिन्स, जिन्हें सोशल मीडिया पर ‘चीफ सैफरो’ के नाम से जाना जाता है. इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर उनके 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. वजह साफ है बाल काटने का उनका तरीका.
फावड़े से चलता है रेजर
द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, सफारी मार्टिन्स कहते हैं कि मैं बस अनकन्वेंशनल टूल्स इस्तेमाल करता हूं. कुछ ही सेकंड बाद वह फावड़े की धार को रेजर की तरह सिर पर चलाते हैं. हर मूवमेंट इतना सटीक होता है कि आखिर में हेयरकट बिल्कुल साफ और परफेक्ट दिखता है.
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प्रेस का इस्तेमाल कैसे करते हैं?
फावड़े के बाद सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है लोहे का प्रेस. मार्टिन्स इस प्रेस का इस्तेमाल बालों की फिनिशिंग और शेप देने के लिए करते हैं.हल्का दबाव देकर वे किनारों को सेट करते हैं, जिससे कट शार्प और सिमेट्रिकल लगे. उनका कहना है कि यह प्रेस सिर्फ टूल नहीं, बल्कि परंपरा का प्रतीक है. वे बताते हैं कि तेज किया गया लोहे का बॉक्स (प्रेस) गांव के बुजुर्गों से आशीर्वाद लेकर इस्तेमाल किया जाता है.
क्लासरूम से टिकटॉक स्टार तक
रवांडा में जन्मे सफारी मार्टिन्स ने 2018 में हाई स्कूल के दौरान बार्बरिंग शुरू की थी. तब वे उधार के क्लिपर्स से क्लासरूम और हॉस्टल में बाल काटते थे.पांच साल बाद उन्होंने कैमरा उठाया, पारंपरिक ट्रिमर छोड़ा और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
सफारी मार्टिन्स एक हेयरकट के 1,500 केन्याई शिलिंग (करीब 8.60 पाउंड) तक चार्ज करते हैं. नैरोबी में यह कीमत आम बार्बरों से कई गुना ज्यादा है. इसके बावजूद ग्राहक आते हैं क्योंकि यहां उन्हें सिर्फ हेयरकट नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर कुछ मिनटों की शोहरत भी मिलती है.ग्राहक इयान नजेंगा कहते हैं कि उनका टैलेंट नेक्स्ट लेवल है. यहां से शेव कराने के बाद मैं ज्यादा कॉन्फिडेंट महसूस करता हूं.
सोशल मीडिया ने बदली तस्वीर
केन्या में सोशल मीडिया यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ी है. डेटा रिपोर्टल के मुताबिक, जनवरी 2023 में जहां 1.06 करोड़ यूजर्स थे, वहीं जनवरी 2025 तक यह आंकड़ा 1.51 करोड़ पहुंच गया. यही वजह है कि सफारी मार्टिन्स जैसे कंटेंट-क्रिएटर बार्बर अब पारंपरिक हुनर को डिजिटल कमाई में बदल रहे हैं.
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