अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद स्वीकार किया है कि वह डॉक्टरों की सलाह के बावजूद रोज तय मात्रा से ज्यादा एस्पिरिन ले रहे हैं. वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह पिछले 25 सालों से रोज 325 मिलीग्राम एस्पिरिन ले रहे हैं, जबकि डॉक्टर उन्हें कम डोज लेने की सलाह दे चुके हैं.
ट्रंप ने कहा कि मैं थोड़ा सुपरस्टिशियस हूं. कहते हैं एस्पिरिन खून को पतला करती है. मैं नहीं चाहता कि गाढ़ा खून मेरे दिल से गुजरे. मुझे पतला खून चाहिए. मायो क्लिनिक के मुताबिक, आमतौर पर लो-डोज एस्पिरिन 81 मिलीग्राम मानी जाती है. इससे ज्यादा मात्रा लेने पर खासकर बुज़ुर्ग मरीजों में पेट, आंतों या दिमाग में इंटरनल ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि एस्पिरिन दिल का दौरा रोकने में मदद कर सकती है, लेकिन ज्यादा डोज जोखिम भी बढ़ाती है.
हाथों पर दिख रहे नीले निशान
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के महीनों में ट्रंप के हाथों पर बार-बार नील पड़ने की तस्वीरें सामने आई हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने पुष्टि की है कि ये निशान छिपाने के लिए मेकअप लगाया जाता है और ये लगातार हाथ मिलाने की वजह से होते हैं.एस्पिरिन खून पतला करती है, जिससे मामूली चोट पर भी नील जल्दी पड़ सकता है.
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उम्र और सेहत को लेकर सवाल
79 साल के ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल के अंत तक अमेरिका के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति बन जाएंगे. जनवरी 2029 में उनका कार्यकाल पूरा हुआ तो उनकी उम्र 82 साल 7 महीने होगी.कुछ सहयोगियों का दावा है कि ट्रंप की सुनने की क्षमता कमजोर हुई है और कई तस्वीरों में उन्हें बैठकों के दौरान आंखें बंद किए देखा गया है. हालांकि ट्रंप इन सभी दावों से इनकार करते हैं.उन्होंने कहा कि वह कम नींद में भी काम करने के आदी हैं और अपनी सेहत का श्रेय 'अच्छे जेनेटिक्स' को देते हैं.
मेडिकल जांच पर भी जताया अफसोस
ट्रंप ने यह भी कहा कि अक्टूबर 2025 में वॉल्टर रीड मेडिकल सेंटर में कराई गई एडवांस स्कैनिंग पर उन्हें अब अफसोस है.उनका कहना था कि इससे लोगों को सवाल उठाने का मौका मिल गया. अगर मैं ये जांच न कराता, तो बेहतर होता. कुछ भी गलत नहीं है.ट्रंप की फिजिकल एक्टिविटी ज्यादातर गोल्फ खेलने तक सीमित है. उनकी डाइट में फास्ट फूड, मैकडॉनल्ड्स और डाइट कोक शामिल बताए जाते हैं. व्हाइट हाउस में उन्होंने अपने पहले कार्यकाल वाला रेड बटन भी रखा है, जिससे एक बटन दबाते ही उन्हें सोडा मिल जाता है.
अमेरिका में इससे पहले जो बाइडन की उम्र और सेहत को लेकर भी सवाल उठे थे. अब ट्रंप के खुद के बयान ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि क्या उम्र और सेहत राष्ट्रपति पद के लिए चिंता का विषय बन रही है?
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