चीन में वजन घटाने का एक ऐसा ट्रेंड सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स तक को चौंका दिया है. यहां प्लस-साइज लोगों के लिए बनाए गए वेट-लॉस कैंप्स को लोग ‘Fat Prison’ कह रहे हैं. वजह साफ है.यहां रहने वालों को एक महीने तक लगभग कैद जैसी जिंदगी जीनी पड़ती है. दिन के 12 घंटे कड़ी एक्सरसाइज, बेहद सीमित खाना और कैंप से बाहर जाने की पूरी मनाही.
इन कैंप्स का मकसद है कम वक्त में तेजी से वजन घटाना. हालांकि, डॉक्टर और एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि इस तरह का अचानक और अस्थिर वजन कम होना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है. इसके बावजूद, हर साल सैकड़ों लोग यहां दाखिला ले रहे हैं, क्योंकि उन्हें जल्दी रिज़ल्ट चाहिए.
इस ट्रेंड को और ज्यादा चर्चा में ला दिया एक ऑस्ट्रेलियन इन्फ्लुएंसर eggeats ने. इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे उनके वीडियो में ‘Fat Prison’ के अंदर की सख्त दिनचर्या साफ नजर आती है. 28 साल की यह इन्फ्लुएंसर बताती हैं कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की एक हाई-पेयिंग नौकरी छोड़ दी थी, क्योंकि वह खुद को जिंदगी में अटका हुआ महसूस कर रही थीं. चीन के इस कैंप में बिताए दो हफ्तों में उनका वजन 4 किलो कम हो गया.
देखें वायरल वीडियो
कैंप में दिन की शुरुआत सुबह 7:30 बजे अलार्म से होती है. 8 बजे वजन, फिर एरोबिक्स, कार्डियो और वेट-लिफ्टिंग. पहला खाना करीब 11:15 बजे मिलता है, जिसमें चार अंडे, आधा टमाटर, थोड़ा खीरा और ब्रेड का एक स्लाइस शामिल होता है. इसके बाद फिर हाई-इंटेंसिटी ट्रेनिंग और स्पिन क्लास. रात को डिनर के बाद दोबारा वजन लेकर सोने भेज दिया जाता है.
सिर्फ यही मिलता है खाना
इस पूरी ‘टॉर्चर फिटनेस’ की कीमत करीब 1,000 डॉलर है. रहने के लिए पांच लोगों की डॉर्मिटरी में एक बेड मिलता है. कैंप के चारों ओर ऊंची फेंसिंग, लॉक गेट और लगेज चेक ताकि कोई हाई-कैलोरी स्नैक्स अंदर न ला सके. बीच में कैंप छोड़ने की इजाजत सिर्फ 'वैलिड वजह' पर ही मिलती है.
सोशल मीडिया पर बहस तेज है.कुछ लोग इसे डिसिप्लिन का सही तरीका बता रहे हैं, तो कुछ इसे सेहत के साथ खतरनाक खिलवाड़. लेकिन एक बात तय है चीन की ये ‘Fat Prison’ अब वजन घटाने का सबसे विवादित ट्रेंड बन चुकी हैं.
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