ये कहानी है सलिल त्रिपाठी की जिसे सुनकर कोई पत्थर दिल वाला भी कांप उठेगा. 2020 से पहले तक जो सलिल फाइव स्टार होटर में मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे, 50 हजार रूपए हर महीने कमा रहे थे, वो 2022 में जोमाटो फूड डिलीवरी एक्जीक्यूटिव बन 8 हजार की तनख्वाह पर आ गए. लेकिन सलिल हिम्मत हारने वालों में से थे ही नहीं और हिम्मत हारते भी कैसे घर पर पत्नी, 10 साल के बच्चे का पेट जो पालना था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. दिल्ली के रोहिणी इलाके में 8 जनवरी देर रात नशे में धुत तेज रफ्तार कार चला रहे दिल्ली पुलिसकर्मी ने सलिल को जोर से टक्कर मार दी थी. हादसा इतना भयानक था कि बाइक सवार सलिल करीब 15 फुट हवा में उछलकर गिरे थे. इसके बाद वह कार से कुछ दूर तक घिसटते चले गए थे. मौके पर ही सलिल की मौत हो गई. सलिल अपने परिवार में अकेला कमाने वाले थे. परिवार में सलिल की बूढ़ी मां, पत्नी और एक 10 साल का बेटा है. सलिल को इंसाफ दिलाने वाला कोई नहीं रहा. लेकिन कहते हैं ना कि जान लेने वाले 1 होता है तो मदद के लिए हाथ बढ़ाने वाले भी 10 हाथ होते हैं.