देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर भले ही कमजोर पड़ गई है, लेकिन वैज्ञानिक तीसरी लहर के आने का अंदेशा बार-बार जता रहे हैं. तीसरी लहर के खतरे के बीच कई राज्यों में फिर से स्कूल खोलने की तैयारी शुरू हो गई है. लेकिन 20 जुलाई को आईसीएमआर ने कहा कि शुरुआत में प्राइमरी स्कूल खोले जा सकते हैं क्योंकि छोटे बच्चों में एडल्ट की तुलना में संक्रमण होने का खतरा कम है. लेकिन बताया ये भी गया है कि यूरोप के कई देशों ने कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच भी प्राइमरी स्कूल को खोल रखा था, उन्हें बंद नहीं किया था. इसलिए शुरुआत में प्राइमरी स्कूल खोले जा सकते हैं और उसके बाद सेकंडरी स्कूल खोले जा सकते हैं. जितने भी सपोर्ट स्टाफ और टीचर्स हैं उनको वैक्सीनेटेड होना चाहिए. आईसीएमआर का कहना है कि वयस्क की तुलना में छोटे बच्चे वायरस को बहुत आसानी से हैंडल कर लेते हैं. छोटे बच्चों के लंग्स में ACE रिसेप्टर्स कम होते हैं, जहां वायरस अटैक करता है. क्योंकि बच्चों में ACE रिसेप्टर्स कम होते हैं, इसलिए उनमें इन्फेक्शन का खतरा भी कम देखा गया है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें वीडियो.
Once India starts reopening schools, it will be wise, to begin with, the primary section as children have a lower number of ace receptors to which virus attaches, making them much better at handling viral infections than adults, said ICMR. ICMR,however, stressed that for such a step to be considered, it must be ensured that school teachers and other support staff members are vaccinated. Watch the video for more information.