आसन शरीर की उर्जा को पृथ्वी में जाने से रोकता है तथा एक विशेष तरह के उर्जा मंडल का निर्माण करता है. देवी देवताओं को विशेष तरह के आसन पर बैठकर उपासना करने से विशेष तरह की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं. देवी देवता का आसन स्वयं के आसन से ऊँचा होना चाहिए. देवी देवता का आसन रेशमी या धातु का होना चाहिए. स्वयं का आसन उनी या सूती होना चाहिए. पहले देवता को आसन देते है, फिर स्वयं के आसन पर बैठते हैं. इस पर देखें चाल चक्र.
Astrologer Shailendra Pandey will tell you the astrological predictions for all the zodiac signs for November 6. Also, know the importance of 'Aasan'. Watch Chaal Chakra for more details.