टेलीकॉम इंडस्ट्री के बाद क्या अब मोबाइल इंडस्ट्री के बुरे दिन आने वाले हैं? भारत की नंबर-1 स्मार्टफोन मेकर चीनी कंपनी Xiaomi ने ये चिंता जताई है कि जीएसटी बढ़ने से मोबाइल इंडस्ट्री की हालत बुरी हो जाएगी.
दरअसल सरकार ने मोबाइल फोन्स पर जीएसटी को बढ़ाने का फैसला लिया है. पहले ये 12% था और अब बढ़ कर 18% हो गया है. Xiaomi के इंडिया हेड और ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट ने इस पर चिंता जताते हुए कहा है कि मोबाइल इंडस्ट्री क्रंबल कर जाएगी.
शाओमी भारत की नंबर-1 स्मार्टफोन कंपनी है और शाओमी इंडिया हेड मनु जैन ने कहा है कि इससे मोबाइल इंडस्ट्री क्रंबल यानी टुकडे़ टुकड़े हो जाएगी.
मनु कुमार जैन ने सरकार के इस फैसले के बाद ट्वीट किए हैं. उन्होंने कहा है, 'फोन के लिए 12% से 18% जीएसटी बढ़ने से इंडस्ट्री क्रंबल हो जाएगी'मनु कुमार जैन मेक इन इंडिया के बड़े समर्थक हैं, लेकिन इस फैसले के बाद उन्होंने ये भी कह दिया है कि जीएसटी में इस बढ़ोतरी से मोबाइल इंडस्ट्री के लिए मेक इन इंडिया प्रोग्राम कमजोर हो जाएगा.
मनु कुमार जैन ने कहा है कि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होने की वजह से स्मार्टफोन इंडस्ट्री पहले से ही स्ट्रगल कर रही है.
उन्होंने कहा है, 'फायदे के लिए मोबाइल इंडस्ट्री पहले से ही स्ट्रगल कर रही है. सभी (कंपनियों) के ऊपर पैसे बढ़ाने का दबाव होगा. इसकी वजह से आगे मोबाइल इंडस्ट्री का मेक इन इंडिया प्रोग्राम कमजोर होगा'
जीएसटी बढ़ाए जाने के बाद मनु जैन ने एक ट्वीट में पीएम मोदी से एक रिक्वेस्ट की है.
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उन्होंने ट्वीट में लिखा है, 'माननीय पीएम मोदी और निर्मला सीतारमण से मेरी गुजारिश है कि जीएसटी हाइक पर फिर से विचार किया जाए. गिरते रुपये और COVID-19 की वजह से प्रभावित हो रहे सप्लाई चेन की वजह से इंडस्ट्री पहले से स्ट्रगल कर रही है'मनु जैन ने कहा है कि कम से कम 15 हजार रुपये के स्मार्टफोन्स को इस जीएसटी हाइक से अलग रखा जाए.
मोबाइल कंपनियों के अलाव इंडस्ट्री एक्स्पर्ट्स का भी ये मानना है कि मोबाइल फोन पर जीएसटी बढ़ने से स्मार्टफोन मार्केट पर असर पड़ेगा और जाहिर है मोबाइल फोन की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी.
एक्सपर्ट्स का ये भी मानना है कि कोरोना वायरस की वजह से चीन में फैक्ट्री शटडाउन होने, रुपये के कमजोर होने और जीएसटी बढ़ने से मोबाइल इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ सकता है.
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