Navratri 2018: शारदीय नवरात्र क्या है और क्या है इसका महत्व?

(Shardiya Navratri 2018) शारदीय नवरात्रि बाकी नवरात्र से कैसे अलग है और इसका क्या महत्व है?

Advertisement
Shardiya Navratri 2018 (शारदीय नवरात्रि) Shardiya Navratri 2018 (शारदीय नवरात्रि)

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 09 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 4:41 PM IST

शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri 2018) का खास पर्व आने वाला है जिसमें भक्तजन नौ दिनों तक पूजा कर मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करेंगे. शरद ऋतु में आने वाले आश्विन मास के नवरात्र को शारदीय नवरात्र भी कहा जाता है. साल में चार नवरात्र होते हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्र होते हैं. लेकिन चैत्र और आश्विन माह के नवरात्र ही ज्यादा लोकप्रिय हैं. आश्विन नवरात्र को महानवरात्र भी कहा जाता है. इसका एक कारण यह भी है कि ये नवरात्र दशहरे से ठीक पहले पड़ते हैं. दशहरे के दिन ही नवरात्र को खोला जाता है. नवरात्र के नौ दिनों में मां के अलग-अलग रुपों की पूजा को शक्ति की पूजा के रुप में भी देखा जाता है.

Advertisement

नवरात्र के दौरान भूलकर भी ना करें ये 12 काम!

प्रथम नवरात्रि चैत्र मास में शुक्ल प्रतिपदा से आरंभ होते हैं और रामनवमी तक चलती है. जबकि शारदीय नवरात्र आश्विन माह की शुक्ल प्रतिपदा से लेकर विजयदशमी के दिन तक चलती है. दोनों ही नवरात्रों में पूजन में कोई अंतर नहीं होता है.

बुधवार से शुरू हो रहे हैं नवरात्र, इस दिन होगी दो देवियों की एक साथ पूजा

नवरात्र पर देवी पूजन और नौ दिन के व्रत का बहुत महत्व है. मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना का पावन पर्व शुरू होने वाला है.

इस बार आश्विन (शारदीय) महानवरात्र 10 से 19 अक्तूबर तक रहेगा. 18 अक्टूबर को अंतिम नवरात्रि होगी.

Navratri 2018: नवरात्रि पर ये अद्भुत संयोग, होगा लाभ ही लाभ

कैसे हुई थी शारदीय नवरात्र की शुरुआत?

Advertisement

ऐसी मान्यता है कि शारदीय नवरात्र की शुरुआत भगवान राम ने की थी. भगवान राम ने सबसे पहले समुद्र के किनारे शारदीय नवरात्रों की पूजा की शुरुआत की. राम ने लगातार 9 दिनों तक शक्त‍ि की पूजा की थी और तब जाकर उन्होंने लंका पर जीत हासिल की थी. यही वजह है कि शारदीय नवरात्रों में नौ दिनों तक दुर्गा मां की पूजा के बाद दसवें दिन दशहरा मनाया जाता है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement