स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का एक और विवादास्पद बयान, कहा- स्कूलों में सेक्स एजुकेशन पर लगे बैन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक और विवादास्पद बयान दिया है. डॉ हर्षवर्धन ने कहा है कि स्कूलों में सेक्स एजुकेशन को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए. अपनी वेबसाइट drharshvardhan.com पर स्वास्थ्य मंत्री ने यह बात लिखी.

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 जून 2014,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक और विवादास्पद बयान दे दिया है. डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि स्कूलों में सेक्स एजुकेशन को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए. अपनी वेबसाइट drharshvardhan.com पर स्वास्थ्य मंत्री ने यह बात लिखी.

स्वास्थ्य मंत्री, जो कि खुद एक डॉक्टर हैं, ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि तथाकथित सेक्स एजुकेशन पर बैन लगना चाहिए. कोर्स कंटेट को वैल्यू एजुकेशन के साथ इंटीग्रेट किए जाने की जरूरत है. छात्रों को भारत के सांस्कृतिक संबंधों के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी देनी चाहिए.

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अमरीका में होने के कारण डॉ. हर्षवर्धन की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई लेकिन उनके दफ्तर का कहना है कि ये स्वास्थ्य मंत्री के निजी विचार हैं. दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता संजय कौल ने कहा कि स्कूलों में सेक्स एजुकेशन को बैन किए जाने संबंधी मामले पर पार्टी फोरम पर चर्चा नहीं हुई है, इसलिए हम कोई प्रतिक्रिया नहीं दे सकते.

इससे पहले उन्होंने यह बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया था कि एड्स की बीमारी से पार पाने के लिए सरकार को कंडोम के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के बजाय भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार पर जोर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि वह चाहेंगे कि एचआईवी-एड्स पर काबू पाने के लिए 'पति-पत्नी के बीच ईमानदार शारीरिक संबंधों' को बढ़ावा दिया जाए, जो 'भारतीय संस्कृति का हिस्सा है.'

उन्होंने यह भी कहा था कि कंडोम के इस्तेमाल का प्रचार करने से गलत संदेश जाता है और इसके इस्तेमाल से बनाया जाने वाला हर तरह का संबंध जायज लगने लगता है. इसलिए एड्स कैंपेन का जोर सिर्फ कंडोम के इस्तेमाल पर नहीं होना चाहिए.'

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हर्षवर्धन खुद ईएनटी (नाक-कान-गला) के डॉक्टर हैं और दिल्ली में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं.

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