शास्त्री बोले- गांगुली के लिए काफी इज्जत, जो नहीं समझते उनकी परवाह नहीं

शास्त्री और गांगुली के बीच मतभेद 2016 में सार्वजनिक हुए थे जब शास्त्री ने कोच के पद के लिए आवेदन किया था और गांगुली उस समय क्रिकेट सलाहकार समिति में थे जिसने अनिल कुंबले को चुना था.

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Sourav Ganguly and Ravi Shastri Sourav Ganguly and Ravi Shastri

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 15 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 2:32 PM IST

  • रवि शास्त्री ने कहा कि वह सौरव गांगुली की इज्जत करते हैं
  • गांगुली ने शास्त्री के साथ मतभेदों को अफवाह बताया था

भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री ने कहा कि वह बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली की काफी इज्जत करते हैं और जो उनके रिश्तों पर सवाल उठाते हैं ‘उनकी उन्हें कोई परवाह नहीं’. पिछले सप्ताह गांगुली ने शास्त्री के साथ मतभेदों की अटकलों को कोरी अफवाह बताया था.

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शास्त्री ने इंडिया टुडे के कार्यक्रम ‘इंस्पिरेशन’ में कहा, ‘जहां तक सौरव-शास्त्री की बात है तो यह मीडिया के लिए चाट और भेलपुरी की तरह मिर्च मसाला है. भारतीय कोच ने कहा, ‘उन्होंने (गांगुली) क्रिकेटर के तौर पर जो कुछ किया है मैं उसका काफी सम्मान करता हूं.'

शास्त्री ने कहा, 'गांगुली ने सट्टेबाजी प्रकरण के बाद भारतीय क्रिकेट की कमान सबसे मुश्किल समय में संभाली. आपको वापसी के लिए लोगों का भारोसा चाहिए होता है और मैं उसका सम्मान करता हूं और अगर कोई इसका सम्मान नहीं करता है तो मुझे उसकी कोई परवाह नहीं.’

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शास्त्री और गांगुली के बीच मतभेद 2016 में सार्वजनिक हुए थे जब शास्त्री ने कोच के पद के लिए आवेदन किया था और गांगुली उस समय क्रिकेट सलाहकार समिति में थे जिसने अनिल कुंबले को चुना था.

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शास्त्री ने बिना किसी लोकतांत्रिक तरीके से तीन साल तक बोर्ड के संचालन के बाद गांगुली के अध्यक्ष बनने को ‘शानदार’ करार दिया. उन्होंने कहा, ‘शानदार (गांगुली का अध्यक्ष बनना). सबसे पहले मैं इस बात को लेकर रोमांचित हूं कि बीसीसीआई फिर से अस्तित्व में है. हम तीन साल तक बीसीसीआई के बिना खेले.’

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