राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और डिप्टी सीएम सचिन पायलट में खींचतान के बीच भारतीय ट्राइबल पार्टी के अध्यक्ष महेश भाई वसावा ने अपनी पार्टी के दोनों विधायकों को वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहने को कहा है.
अपने पत्र में भारतीय ट्राइबल पार्टी के अध्यक्ष महेश भाई वसावा ने कहा कि दोनों विधायक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के समय न कांग्रेस को, न अशोक गहलोत को और न सचिन पायलट को और न ही बीजेपी को वोट करें. महेश भाई वसावा ने अपने दोनों विधायकों को निर्देश दिया हैं कि वोटिंग के दौरान वे अनुपस्थित रहें.
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महेश वसावा ने कहा कि अगर विधायक पार्टी के आदेशों की अवहेलना करते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. हालांकि बताया जा रहा है कि भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक जयपुर के उसी होटल में ठहरे हुए हैं जहां गहलोत समर्थक विधायक हैं.
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बता दें कि सरकार पर संकट के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को विधायक दल की बैठक में 100 विधायकों को जुटाकर अपनी ताकत दिखा दी है. हालांकि बागी रुख अपना चुके सचिन पायलट दावा कर रहे हैं कि उनके साथ 25 विधायक हैं. राजस्थान में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं में खींचतान के बीच बीजेपी भी फ्लोर टेस्ट की मांग कर चुकी है.
विधानसभा में गणित
गणित के लिहाज से देखा जाए तो राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सदस्य हैं. इनमें कांग्रेस के 107 विधायक हैं. कांग्रेस सरकार को निर्दलीय और कुछ अन्य छोटे दलों के विधायकों का समर्थन हासिल है. यानी कुल मिलाकर यह संख्या 123 तक पहुंचती है. जबकि बीजेपी के 72 विधायक हैं. साथ ही उन्हें 3 अन्य छोटे दलों के विधायकों का समर्थन हासिल है. ऐसे में उनके पास कुल 75 विधायक हैं.
हिमांशु मिश्रा / शरत कुमार