4 दिसंबर से हिंदू पंचांग में नए महीने की शुरुआत होने वाली है. वो महीना जिसे पौष कहते हैं. यहां केवल तिथि नहीं बदलेगी बल्कि जीवन की स्थिति में भी बड़ी बदलाव होने वाला है. आने वाले महीने में सूर्य उपासना का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. पौस के महीने में सूर्य को अर्घ्य देने और उनकी नियमित उपासना करने का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब आप अपनी जीवनशैली में भी कुछ जरूरी बदलाव लाएंगे तो संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ के लिए पौष महीने में कैसे रखें अपने खान-पान का ध्यान. आइए हम आपको बताते हैं....
पौष में कैसे रखें खान-पान का ध्यान?
- खाने-पीने में मेवे और चिकनी चीज़ों का इस्तेमाल कर सकते हैं
- लेकिन बहुत ज्यादा तेल या घी का प्रयोग भी उत्तम नहीं होगा
- चीनी की बजाय गुड़ का सेवन करें
- पौस में अजवाइन, लौंग और अदरक का सेवन लाभकारी होता है
- इस महीने में ठंडे पानी का प्रयोग, नहाने में गड़बड़ी और ज्यादा खाना खतरनाक हो सकता है
रोजाना सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने और मंत्र जाप करने के अलावा पौस महीने से जुड़ी ऐसी कौन सी बातें हैं जो सबसे महत्वपूर्ण कही गई हैं.....आइए हम आपको बताते हैं....
पौष की सबसे महत्वपूर्ण बात-
- इस महीने में मध्य रात्रि की साधना उपासना तुरंत फलदायी होती है
- इस महीने में गर्म वस्त्रों और नवान्न का दान काफी उत्तम होता है
- इस महीने में लाल और पीले रंग के वस्त्र भाग्य में वृद्धि करते हैं
- इस महीने में घर में कपूर की सुगंध का प्रयोग स्वास्थ्य को खूब अच्छा रखता है
तो आप भी इस विशेष महत्वपूर्ण बातों पर गौर फरमाइए...यकीनन आपको एक रोगमुक्त, सुखी और संपन्न जीवन का वरदान मिलेगा. आगे हम आपको पौष मास का महाप्रयोग बताने वाले हैं.
पंचांग का दसवां महीना यानि पौस में किसी भी दिन अगर आप ये विशेष प्रयोग करेंगे तो लंबे समय से चली आ रही बीमारी से भी निजात मिल सकती है. पौष महीने का महाप्रयोग ....
पौष मास का महाप्रयोग
अगर कोई लंबे समय से बीमार हो....
- घर के मुख्य द्वार के पास एक अनार का पेड़ लगाएं
- रोज सुबह उसमें जल डालें और उसके पास धूपबत्ती जलाएं
- आपके घर में बीमारी की समस्या छूमंतर हो जायेगी
अगर आप या आपका कोई अपना किसी लंबी बीमारी से जूझ रहा हो तो ये प्रयोग रामबाण साबित हो सकता है....
प्रज्ञा बाजपेयी