जीत गए तो चुनाव प्रक्र‍िया से EVM को कराएंगे बाहर: दिग्व‍िजय

पंचायत आजतक के 10वें अहम सत्र- खत्म होगा वनवास? में खुद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन श्वेता सिंह ने किया.

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दिग्व‍िजय सिंह दिग्व‍िजय सिंह

अंकुर कुमार

  • भोपाल ,
  • 12 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 7:49 PM IST

पंचायत आजतक मध्यप्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्व‍िजय सिंह भी पहुंचे. खत्म होगा वनवास? सेशन में पूर्व सीएम दिग्व‍िजय ने क्या इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 15 साल वापसी कर पाएगी या नहीं इस पर अपनी राय दी. बीजेपी पर हमला बोलने के साथ ही उन्होंने सबसे बड़ा आरोप EVM को लेकर लगाया.

दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश चुनाव, चुनाव आयोग, बीजेपी से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय रखी. दिग्व‍िजय से जब पूछा गया कि वह कौन सी वजह रही जिसके कारण बीजेपी 15 साल से सत्ता में है और कांग्रेस बाहर. इसपर कांग्रेस नेता ने सबसे पहली वजह ईवीएम को बताया. दिग्व‍िजय ने कहा कि उन्हें ईवीएम पर कभी भरोसा नहीं रहा है. यही नहीं दिग्विजय सिंह ने यह बयान तक दिया कि कोर्ट ने इस पर क्या फैसला दिया है और वह कैसे दिया वह भी मुझे मालूम है.

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दिग्व‍िजय सिंह ने आगे कहा कि ईवीएम ऐसी है कि जिसमें हम बटन दबाते हैं तो पता ही नहीं चलता कि वोट कहां गया, क्योंकि दिखता तो है नहीं. दिग्व‍िजय ने कहा कि 2003 में मेरे हारने का सबसे बड़ा कारण ईवीएम मशीन ही थी और तब से लेकर अब तक उन्हें ईवीएम पर भरोसा नहीं है.

दिग्व‍िजय ने यहां तक कहा कि आज के युग में कोई ऐसी मशीन नहीं जिसे हैक नहीं किया जा सके. दिग्व‍िजय ने आगे कहा कि रूस में बैठे बैठे लोगों ने यूएसए की मशीन हैक कर ली और अमेरिका की सरकार ने सीनेट की कमेटी बैठाई की जांच करें कि हैकिंग हुई है या नहीं.

इसके बाद दिग्व‍िजय सिंह ने कहा कि ईवीएम मशीन का सोर्स कोड कुछ लोगों के पास है, लेकिन किसके पास है ये चुनाव आयोग जानता है. इसकी चिप विदेश से आती है, विदेश में ही सोर्स कोर्ड डाले जाते हैं. कई ईवीएम मशीन चोरी हो गई हैं.

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इस सवाल पर कि फिर कांग्रेस चुनाव क्यों लड़ रही है तो दिग्व‍िजय ने कहा कि पहले ही हार मान लेना हताशा की निशानी है. उसके बाद इस सवाल पर कि क्या कांग्रेस जीत गई तो ईवीएम पर सवाल बंद हो जाएगा तो दिग्व‍िजय ने कहा कि जीत गए तो चुनाव आयोग पर दबाव डालकर ईवीएम को हटाएंगे और बैलेट पेपर से चुनाव करवाएंगे.

दिग्विजय ने आगे कहा कि सोर्स कोड जिसके पास है वही सिकंदर है. सोर्स कोर्ड जानने के बाद आप एक कैंडिडेट का वोट दूसरे में ट्रांसफर कर सकते हैं. दिग्व‍िजय के अनुसार 70 प्रतिशत पार्टियां कह रही है कि ईवीएम से चुनाव न हो तो लोकतंत्र के हित में फैसला लेना चाहिए.

आपको बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सियासी दलों ने कमर कस ली है. सत्ताधारी बीजेपी और विपक्ष में बैठी कांग्रेस के नेता जनता के बीच है. सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है. बदलते सियासी  तापमान में लोगों के मनमिजाज का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को भोपाल में पंचायत आजतक का मंच सजा है. इसमें राजनीतिक दलों के कई दिग्गज शिरकत कर रहे हैं.

कार्यक्रम की शुरुआत केन्द्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के अहम सत्र 'मोदी हैं ना' से हुई. पंचायत आजतक के पहले सत्र  मोदी हैं ना! में  नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज और खनन ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे समूह के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल ने किया.

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क्या 15 साल बाद बीजेपी को जिता पाना बड़ी चुनौती है. नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि बीजेपी सबका साथ सबका विकास की नीति पर काम कर रही है. बीचे 15 साल के दौरान राज्य सरकार ने लगातार एक मजबूत

अर्थव्यवस्था खड़ी की है और राज्य का जीडीपी आंकड़ा बेहतर हुआ है, इसलिए बीजेपी के लिए आगामी चुनावों में जीत हासिल करना आसान है.

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में कांग्रेस भी बीजेपी को धर्म और राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस बीजेपी पर हमलावर है. पंचायत आजतक में भी यह नजारा देखने को मिला. 'विकास के नाम पर धर्म की राह पर !' नाम के सेशन में बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने एक दूसरे पर धर्म की राजनीति कर फायदा उठाने के आरोप लगाए.

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