पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान इन दिनों चीन के दौरे पर हैं. अपनी चार दिवसीय यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को इमरान खान ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने जिनपिंग के सामने पाकिस्तान के आर्थिक हालात को लेकर बात की.
इमरान खान ने कहा, 'जब दुनियाभर के देश आर्थिक रूप से उतार-चढ़ाव के दौर में हैं तो वहीं पाकिस्तान की आर्थिक हालात बेहद बुरे दौर में हैं. हमारे देश की सबसे बड़ी चुनौती फिस्कल डेफिसिट और करंट अकाउंट डेफिसिट का घाटा है.' उन्होंने आगे कहा, 'मेरी पार्टी को सत्ता में आए अभी सिर्फ दो महीने हुए हैं. जब हम सत्ता में आए तब पाकिस्तान की हालत बदतर थी.'
इमरान ने इसके साथ ही चीन के राष्ट्रपति की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, 'चीन की तरक्की हमें प्रेरित करती है और इस तरक्की के पीछे शी जिनपिंग की सोच है. उन्होंने कहा कि जिस तरह चीन ने करप्शन और गरीबी पर जीत हासिल की है, ऐसा दुनिया के किसी भी देश ने नहीं किया है. हम चीन से सीखना चाहते हैं और उसके अनुभव से पाकिस्तान को तरक्की की राह पर ले जाना चाहते हैं.'
पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इमरान खान चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग से भी मिलेंगे. दोनों देशों के बीच विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. खान पांच नवंबर को शंघाई में आयोजित चीन के अंतरराष्ट्रीय आयात एक्सपो में भी जाएंगे. वहीं कहा यह भी जा रहा है कि इमरान खान आईएमएफ के बेलआउट पैकेज से बचने के लिए चीन से और अधिक कर्ज की मांग कर सकते हैं. बता दें कि खान ने हाल ही में सऊदी अरब की यात्रा के दौरान करीब तीन अरब डॉलर की सहायता हासिल की है.
दीपक कुमार