गडकरी का पलटवार- राहुल गांधी कब से मराठी समझने लगे?

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के बयान को ट्वीट करके कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधा था. अब नितिन गडकरी ने राहुल को जवाब दिया है.

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नितिन गडकरी (फोटो- ANI) नितिन गडकरी (फोटो- ANI)

भारत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 10 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 4:30 PM IST

बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोपों पर सफाई दी है. राहुल गांधी ने गडकरी का एक वीडियो ट्वीट कर आरोप लगाया था कि सरकार ने जनता के भरोसे को अपने लोभ का शिकार बनाया है. राहुल के शेयर किए वीडियो में नितिन गडकरी चुनावी वायदों पर टिप्पणी करते दिख रहे हैं.

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कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को पहले किसी से मराठी समझ लेनी चाहिए थी. उन्होंने बगैर मराठी समझे ही ट्वीट कर दिया और वो पहले भी ऐसा कर चुके हैं. गडकरी ने कहा कि हम जो वादे करते हैं वो पूरे भी करते हैं और हमने ऐसा किया है. गडकरी ने कहा कि वीडियो में महाराष्ट्र सरकार के संदर्भ में बात हो रही थी और उसका बीजेपी या केंद्र की सरकार से कोई लेना-देना नहीं है.

नितिन गडकरी ने कहा कि वीडियो में 15 लाख और बीजेपी की ओर से किए गए चुनावी वादों जैसी कोई बात नहीं थी. बगैर मराठी भाषा समझे उसे तूल दिया जा रहा है.

कांग्रेस ने बोला हमला

दरअसल गडकरी का ये वीडियो एक मराठी कार्यक्रम में अभिनेता नाना पाटेकर के साथ उनके इंटरव्यू का हिस्सा है. इस वीडियो के वायरल होते ही कांग्रेस ने भी इस वीडियो की क्लिप ट्विटर पर शेयर कर दी और कहा कि गडकरी ने ये साबित कर दिया है कि बीजेपी जुमले और झूठे वादों के दम पर चुनाव जीत कर सत्ता में आई है.

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी गडकरी के इस वीडियो को ट्वीट किया और कहा, सही फरमाया, जनता भी यही सोचती है कि सरकार ने लोगों के सपनों और उनके भरोसे को अपने लोभ का शिकार बनाया है.

गडकरी के इस बयान से प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों को भाजपा को घेरने का मौका मिल सकता है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों अपनी चुनावी रैलियों में राफेल डील, नोटबंदी, जीएसटी के अलावा रोजगार और काला धन को लेकर किए वादों पर भी सरकार को घेर रहे हैं.

क्या कहते थे मोदी?

बता दें कि पीएम मोदी 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपनी रैलियों में 'काला धन वापस लाने' और '15 लाख रुपये खाते में आने' की बात कहते थे.

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