मोदी के इस कदम से डरे हुए थे उनके दोस्त, जब नतीजे आए तो चौंक गए सब

बताया जाता कि पढ़ाई के अलावा मोदी को नाटकों में भी रूचि थी. स्कूल में रहते हुए उन्होंने कई नाटकों के हिस्सा लिया. मोदी के बचपन को याद करते हुए उनके एक पूर्व शिक्षक ने बताया कि मोदी ने 14 साल की उम्र में 19 वीं सदी के जोगीदास खुमाण का किरदार अदा किया था. उनके इस किरदार की काफी तारीफ की गई थी. 

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मोदी ने 14 साल की उम्र में 19 वीं सदी के जोगीदास खुमाण का किरदार अदा किया था. मोदी ने 14 साल की उम्र में 19 वीं सदी के जोगीदास खुमाण का किरदार अदा किया था.

आदित्य बिड़वई

  • वडनगर ,
  • 08 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 12:40 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वडनगर के दौरे पर है. यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी यहां आए हों. मालूम हो कि वडनगर मोदी का गृहनगर है. उनका बचपन इसी शहर में बीता. शुरूआती पढ़ाई भी यहीं के बीएन हाईस्कूल में 1963 से 1967 तक हुई.

मोदी के करीबियों का मानना है कि उनमें नेतृत्व की क्षमता बचपन से ही थी. यही वजह रही थी कि उन्होंने 9 वीं में क्लास रिप्रेजेन्टेटिव का चुनाव लड़ा और जीते भी. मोदी के क्लासमेट रहे वैद्य ने बताया कि 9 वीं कक्षा में मोदी जब चुनाव में खड़े हुए थे तो उन्हें डर था कि मोदी हार जाएंगे, लेकिन उन्होंने सभी प्रतिद्वंदियों को हरा दिया. उनकी इस जीत ने सबको चौंका दिया था.

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बताया जाता कि पढ़ाई के अलावा मोदी को नाटकों में भी रूचि थी. स्कूल में रहते हुए उन्होंने कई नाटकों के हिस्सा लिया. मोदी के बचपन को याद करते हुए उनके एक पूर्व शिक्षक ने बताया कि मोदी ने 14 साल की उम्र में 19 वीं सदी के जोगीदास खुमाण का किरदार अदा किया था. उनके इस किरदार की काफी तारीफ की गई थी.  

वडनगर स्टेशन पर बेचते थे चाय

वडनगर का रेलवे स्टेशन आज मोदी के लिए ख़ासतौर पर सजाया गया है. इसके पीछे वजह भी ख़ास है. यह वही स्टेशन है जहां मोदी कभी चाय बेचा करते थे. यहां आज भी वडनगर के लोगों ने दूकान को सहेज कर रखा हुआ है.  

मोदी के बड़े भाई रहते हैं वडनगर में...

पीएम नरेंद्र मोदी के बड़े भाई सोमभाई आज भी वडनगर में रहते हैं. उनके मुताबिक, मोदी को बचपन में पढ़ने और तैरने का शौक था. वो स्वामी विवेकानंद को पढ़ना बेहद पसंद करते थे.

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