Naraka Chaturdashi: जानें क्यों जलाए जाते हैं इस दिन दीपक?

जानिए, क्या है नरक चतुर्दशी (Narak Chaturdashi 2018) का पर्व और क्या है इसकी महिमा?

Advertisement
नरक चतुर्दशी 2018 नरक चतुर्दशी 2018

प्रज्ञा बाजपेयी

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2018,
  • अपडेटेड 7:44 AM IST

दिवाली (Diwali 2018) के एक दिन का पहले का दिन सौन्दर्य प्राप्ति और आयु प्राप्ति का होता है. इस दिन आयु के देवता यमराज की उपासना की जाती है और सौन्दर्य प्राप्ति का प्रयोग किया जाता है. इस दिन भगवान कृष्ण की उपासना भी की जाती है क्योंकि इसी दिन उन्होंने नरकासुर का वध किया था.

कहीं-कहीं पर ये भी माना जाता है की आज के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था. जीवन में आयु या स्वास्थ्य की अगर समस्या हो तो इस दिन के प्रयोगों से दूर हो जाती है.

Advertisement

 इस दिन का सम्बन्ध स्नान और सौंदर्य से किस प्रकार है?

- इस दिन प्रातःकाल या सायंकाल चन्द्रमा की रौशनी में जल से स्नान करना चाहिए.

- इस दिन विशेष चीज़ का उबटन लगाकर स्नान करना चाहिए.

- जल गर्म न हो, ताजा या शीतल जल होना चाहिए.

- ऐसा करने से न केवल अद्भुत सौन्दर्य और रूप की प्राप्ति होती है, बल्कि स्वास्थ्य की तमाम समस्याएं भी दूर होती हैं.

- इस दिन स्नान करने के बाद दीपदान भी अवश्य करना चाहिए.

नरक चतुर्दशी पर दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किस प्रकार दीपक जलाएं?

- नरक चतुर्दशी पर मुख्य दीपक लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य के लिए जलता है.

- इसको यमदेवता के लिए दीपदान कहते हैं.

- घर के मुख्य द्वार के बाएं ओर अनाज की ढेरी रखें.

Advertisement

- इस पर सरसों के तेल का एक मुखी दीपक जलाएं.

- दीपक का मुख दक्षिण दिशा ओर होना चाहिए.   

- अब वहां पुष्प और जल चढ़ाकर लम्बी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें.

नरक चतुर्दशी पर कर्ज मुक्ति के लिए किस प्रकार दीपक जलाएं?

- रात्रि में हनुमान जी के सामने घी का दीपक जलाएं.

- इसके बाद हनुमान जी को उतने लड्डू का भोग लगाएं जितनी आपकी उम्र है.

- फिर हनुमान जी के समक्ष बैठकर 9 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें.

- अगले दिन सुबह सारा प्रसाद बच्चों में बांट दें, या गाय को खिला दें.

 नरक चतुर्दशी पर हर प्रकार के बाधा नाश के लिए किस प्रकार दीपक जलाएं?

- शाम के समय भगवान कृष्ण के समक्ष घी का एक चौमुखी दीपक जलाएं.

- इसके बाद उन्हें पंचामृत का भोग लगाएं. 

- "ॐ क्लीं कृष्णाय नमः" का कम से कम 3 माला जाप करें.

- इसके बाद जिस भी तरह की बाधा जीवन में आ रही हो , उसके नाश की प्रार्थना करें.

- तीन बार शंख बजाएं और पंचामृत ग्रहण करें.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement