शि‍कंजे में आएगा मेहुल! घोटाले के खुलासे से पहले ही ले चुका था एंटीगुआ की नागरिकता

पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में आरोपी मेहुल चोकसी को लेकर एंटिगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने बड़ा बयान दिया है. मेहुल चोकसी ने घोटाले के खुलासे से पहले ही नवंबर 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता हासिल कर ली थी. 

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मेहुल चोकसी (फोटो- indiacontent.in) मेहुल चोकसी (फोटो- indiacontent.in)

दिनेश अग्रहरि

  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 2:15 AM IST

  • जनवरी 2018 में हुआ था PNB घोटाले का खुलासा
  • जनवरी की शुरुआत में ही नीरव-मेहुल हो गए थे फरार
  • नवंबर 2017 में मेहुल को मिल गई थी एंटीगुआ की नागरिकता
  • एंटीगुआ के पीएम ने कहा कि मेहुल को भारत लौटना होगा

मेहुल चोकसी ने पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के खुलासे से पहले ही नवंबर 2017 में कैरिबियाई द्वीप एंटीगुआ की नागरिकता हासिल कर ली थी. PNB में हुए घोटाले में मुख्य आरोपी ज्वैलर नीरव मोदी का मेहुल चोकसी मामा है. इस घोटाले का खुलासा जनवरी 2018 में हुआ था.

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गौरतलब है कि पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में आरोपी मेहुल चोकसी को लेकर एंटिगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन ने बड़ा बयान दिया है. गैस्टन ब्राउन ने मेहुल चोकसी को धोखेबाज करार देते हुए कहा है कि भारतीय जांच एजेंसियां एंटीगुआ आकर मेहुल चोकसी से पूछताछ करने के लिए स्वतंत्र हैं. गैस्टन ब्राउन ने कहा कि मेहुल चौकसी को वापस अपने देश जाना ही होगा.  

पीएम ब्राउन ने ये भी बताया कि मेहुल चोकसी की वजह से कैसे उनके सिटिजनशिप बाय इनवेस्टमेंट प्रोग्राम को नुकसान पहुंचा है. मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ के इसी प्रोग्राम का इस्तेमाल करते हुए एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी. उन्होंने कहा कि मेहुल को वापस जाना होगा.

ऐसे मिलती है नागरिकता

एंटीगुआ के कानून के मुताबिक, अगर वहां कोई व्यक्ति 4 लाख अमेरिकी डॉलर कीमत की प्रॉपर्टी खरीद लेता है तो उसे वहां की नागरिकता मिल जाती है. इसके अलावा अगर कोई कारोबारी वहां 15 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश करता है तो वह भी एंटीगुआ की नागरिकता पा सकता है.

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एंटीगुआ के कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति को नागरिकता मिलने के बाद निष्ठा की शपथ भी लेनी पड़ती है. एंटीगुआ के सीआईयू ने कहा कि चोकसी ने यह शपथ 15 जनवरी, 2018 को ली थी.

पिछले साल जुलाई में जब ऐसी खबरें आने लगीं कि मेहुल चोकसी अमेरिका से एंटीगुआ जा चुका है, तो एंटीगुआ ऐंड बारबुडा के सिटीजन बाय इनवेस्टमेंट यूनिट (CIU) ने एक बयान में कहा, 'गहन जांच के बाद मेहुल चोकसी को रजिस्ट्रेशन के द्वारा नवंबर, 2017 में नागरिकता दे दी गई थी. जांच में चोकसी के खि‍लाफ कुछ भी गलत नहीं पाया गया था.'  

खुलासे से पहले ही मामा-भांजे हुए थे फरार  

गौरतलब है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने पीएनबी घोटाले में 2018 के फरवरी में मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के खिलाफ केस दर्ज किया था. जनवरी 2018 के अंत में घोटाले का खुलासा होने से पहले ही दोनों देश से फरार हो गए थे.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नीरव मोदी 1 जनवरी को ही देश से निकल चुका था. इसी दिन नीरव के भाई निशाल मोदी ने भी देश छोड़ा. इसके बाद नीरव की पत्नी ने 6 जनवरी को देश छोड़ा. वहीं, मेहुल चौकसी 4 जनवरी को देश से निकल गया था.  

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एंटीगुआ द्वारा पूरी तरह से जांच करने के मसले पर सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि भारत से इंटरपोल ने चोकसी के बारे में लंबित केस या जांच के बारे में किसी तरह की जानकारी नहीं मांगी थी.

कैरेबियाई देशों के कई टैक्स हैवन माने जाने वाले देशों में से एक एंटीगुआ भी है. प्रर्वतन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक में हुए करीब 14 हजार करोड़ रुपये के फ्रॉड के मामले में बैंक और डायमंड कारोबारी नीरव मोदी सहित उनकी कई सहयोगी कंपनियों पर मामला दर्ज किया है. PNB ने 29 जनवरी को 280 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी को लेकर इन चारों के खिलाफ शिकायत की थी.

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