महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के शपथ ग्रहण समारोह से पहले शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम (CMP) का ऐलान कर दिया है. महाराष्ट्र विकास अघाड़ी ने अपने CMP में किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और सेक्यूलरिज्म को जगह दी है. CMP के पहले ही लाइन में सेक्यूलर शब्द का जिक्र है और धर्मनिरपेक्षता को कायम रखने जैसी बातें हैं. तीनों ही पार्टियों की CMP के पहले पैरा में सेक्यूलरिज्म शब्द का इस्तेमाल दो बार है.
साझा न्यूनतम कार्यक्रम में सरकार के कामकाज के खाके के बारे में जानकारी दी गई है. इसके तहत तीनों दल किसान, रोजगार, स्वास्थ्य, उद्योग, सामाजिक न्याय, महिला सुरक्षा, शिक्षा, ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर प्राथमिकता के साथ काम करेंगे.
किसानों के लिए फसल बीमा योजना
कार्यक्रम के तहत उद्धव सरकार किसानों के लिए नई फसल बीमा योजना लाएगी, साथ ही किसानों को तुरंत राहत देने का काम किया जाएगा. सरकार के CMP में सरकारी विभागों के सभी पद भरे जाएंगे. राज्य के नागरिकों को एक रुपये में इलाज देने का वादा भी सरकार के एजेंडे में शामिल है. सूखा पीड़ित किसानों का कर्ज तुरंत माफ किया जाएगा. CMP में सेकुलर शब्द पर भी जोर दिया गया है जिसको लेकर काफी चर्चा की गई थी.
'देश सबसे पहले' का नारा
उद्धव सरकार के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार 'देश सबसे पहले' के नारे पर आगे बढ़ेगी. साथ ही इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि समाज का कोई भी तबका भय में न रहे. प्रोग्राम के मुताबिक गरीबों को बिना ब्याज के शिक्षा कर्ज देने की व्यवस्था की जाएगी. समाज के सभी समुदायों के कल्याण की बात इस प्रोग्राम में कही गई है.
सोनिया गांधी के निर्देशन में बना CMP
सोनिया गांधी, शरद पवार और उद्धव ठाकरे के निर्देशन में तीनों दलों ने यह कॉमन मिनिमन प्रोग्राम तैयार किया है. एकनाथ शिंदे ने कार्यक्रम का ऐलान करते हुए कहा कि सरकार सभी धर्मों को साथ लेकर चलेगी और राज्य को विकास के पथ पर लेकर जाएगी.
महाराष्ट्र के विकास पर जोर
एकनाथ शिंदे ने प्रोग्राम का ऐलान करते हुए कहा कि महाराष्ट्र के विकास पर सरकार का जोर रहेगा और उन्होंने दावा किया 170 विधायक गठबंधन सरकार के साथ हैं. शिंदे ने कहा कि संविधान के मूल तत्वों को केंद्र में रखा गया है और सभी भाषा-प्रातों को साथ लेकर यह सरकार आगे बढ़ेगी. शिंदे ने कहा कि हम किसी भी तरह का भेदभाव जनता के साथ नहीं होने देंगे.
सौरभ वक्तानिया