कलबुर्गी हत्याकांड: चार्जशीट दाखिल, सुप्रीम कोर्ट ने बंद की केस की निगरानी

साल 2015 में हुई एम. एम. कलबुर्गी की हत्या के मामले की चांज स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम कर रही थी, जिसने कुछ समय पहले ही चार्जशीट दायर की थी. इस हत्या की जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के द्वारा की जा रही थी, जो अब बंद कर दी गई है.

Advertisement
एम एम कलबुर्गी (फाइल फोटो) एम एम कलबुर्गी (फाइल फोटो)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 17 जनवरी 2020,
  • अपडेटेड 1:33 PM IST

  • सुप्रीम कोर्ट ने बंद की कलबुर्गी केस की निगरानी
  • SIT दाखिल कर चुकी है चार्जशीट
  • 2015 में गोली मारकर की गई थी हत्या

कर्नाटक के धारवाड़ में कन्नड़ विद्वान एम.एम. कलबुर्गी की हत्या मामले की निगरानी अब सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दी है. कलबुर्गी की पत्नी की ओर से दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने इस मामले की निगरानी को बंद किया है.

Advertisement

साल 2015 में हुई एम. एम. कलबुर्गी की हत्या के मामले की चांज स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT) कर रही थी, जिसने कुछ समय पहले ही चार्जशीट दायर की थी. इस हत्या की जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के द्वारा की जा रही थी, जो अब बंद कर दी गई है.

कन्नड़ विद्वान की पत्नी उमा देवी ने अदालत में याचिका दायर की थी कि अब इस निगरानी को बंद कर दिया जाए. जिसपर अदालत ने कहा है कि क्योंकि चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है ऐसे में अब निगरानी की जरूरत नहीं है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस मामले की जांच वही टीम कर रही थी, जो कि पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की जांच कर रही थी.

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, कर्नाटक सरकार और सीबीआई को इस याचिका पर जवाब देने को कहा था.

Advertisement

बता दें कि 30 अगस्त, 2015 को एम.एम. कलबुर्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. दो अज्ञात हमलावरों ने कलबुर्गी के घर पर ही उनपर गोलियां बरसाई थीं. मूर्ति पूजा समेत कई मुद्दों को लेकर एम.एम. कुलबर्गी के द्वारा दिए गए बयान कई बार विवाद का कारण बन चुके हैं. साल 2017 में कलबुर्गी के परिवार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जांच को तेज करने के लिए गया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राज्य पुलिस को फटकार भी लगाई थी.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement